अयोध्या मामले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को भारत ने पूरी तरह खारिज करते हुए आंतरिक मामले में दखन न देने की नसीहत दी है। पाकिस्तान की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम एक सिविल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पाकिस्तान द्वारा किए गए अनुचित और गंभीर टिप्पणियों को अस्वीकार करते हैं जो भारत के लिए पूरी तरह से आंतरिक मामला है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के समझ की कमी आश्चर्यजनक नहीं है। वह नफरत फैलाने के स्पष्ट इरादे के साथ हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी कर रहा है जो निंदनीय है।
पाकिस्तान की बौखलाहट
शनिवार को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसला के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट देखने को मिली। रेडियो पाकिस्तान पर अयोध्या मामले का बुलेटिन लगातार चलाया जा रहा है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की विशेष सहायक (सूचना एवं प्रसारण) डॉ. फिरदौस आशिक अवान का ट्विटर हैंडल और विदेश मंत्री एसएम कुरैशी का फोटो लगाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की निंदा की।
इतना ही नहीं, रेडियो पाकिस्तान पर यह समाचार भी प्रसारित किया जा रहा है कि पाकिस्तान ने करतारपुर में आने वाले लोगों को सुरक्षा की गारंटी दी है, जबकि भारत अपने यहां के अल्पसंख्यकों को दबाने का काम कर रहा है। रेडियो पाकिस्तान ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 1992 में बाबरी मस्जिद गिराई गई थी। पाकिस्तान का आरोप है कि 460 साल पुरानी इस मस्जिद पर हिंदुओं की भीड़ टूट पड़ी थी।
पाकिस्तान की ओर से कहा जा रहा है कि यह फैसला मोदी सरकार की नीतियों के मुताबिक है। भारत के मुस्लिम पहले ही दबाव में हैं, अब कोर्ट के फैसले ने उन पर दबाव बढ़ा दिया है। पाकिस्तान के कई दूसरे नेताओं में भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बौखलाहट देखी गई।