सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अयोध्या मामले पर सुनवाई करते हुए छह अगस्त से नियमित सुनवाई का फैसला दिया। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि मध्यस्थता पैनल किसी भी नतीजे पर पहुंचने में असफल रहा है। जब तक सुनवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक रोजाना इसकी सुनवाई की जाएगी। अदालत ने कहा कि मध्यस्थता का कोई नतीजा नहीं निकला। हफ्ते में तीन दिन नियमित सुनवाई की जाएगी। सुनवाई मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को होगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद इस बात की पूरी संभावना है कि अयोध्या भूमि विवाद पर 17 नवंबर से पहले फैसला आ जाए। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई चूंकि 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि इस मामले पर 17 नवंबर से पहले फैसला आ जाए।
अयोध्या भूमि विवाद का इतिहास काफी पुराना रहा है। छह दिसंबर 1992 को विवादास्पद ढांचा गिराए जाने के सैकड़ों साल पहले से इसके विवाद की जड़ें गड़ी हुई है। आइए, जानतें हैं आखिर कब से शुरू हुई बाबरी विवाद की कहानी और इस पूरे विवाद में कब-कब, क्या-क्या हुआ!
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