अयोध्या मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमले के बाद सुन्नी बोर्ड वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के समर्थन में उतर गया है।
इससे पहले याचिकाकर्ता सुन्नी बोर्ड के याचिकाकर्ता हाजी महमूद ने सिब्बल की उस दलील से किनारा कर लिया था जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या मसले पर फैसला 2019 के चुनाव तक टालने को कहा था।
इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अदालत में अपने वकील कपिल सिब्बल की दलील से खुद को अलग रखा था। जिसकी पीएम ने भी तारीफ की और बोर्ड के फैसले को साहसिक करार देकर उन्हें बधाई दी।
याचिकाकर्ता महमूद ने कहा 'अगर जफरयाब जिलानी साहब कह रहे हैं कि कपिल सिब्बल ने कल जो कहा था, वो सही था तो मैं उनसे सहमत हूं। इसके अलावा कुछ और कहना नहीं चाहता।
If Jilani saab (Zafaryab Jilani,convenor of the Babri Masjid Action Committee) is saying that what Kapil Sibal said yesterday was right, then I agree with him. Don't want to say anything else: Haji Mehboob, Ayodhya case petitioner pic.twitter.com/mDggyrqVEg
— ANI (@ANI) December 6, 2017
इससे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य हाजी महबूब ने कहा कि कपिल सिब्बल उनके वकील है लेकिन वे एक राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े हुए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलील से बोर्ड सहमत नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने पूरे मामले को हाईजैक कर लिया। बोर्ड ने उन्हें ऐसी कोई सलाह नहीं दी थी कि मंदिर मामले की सुनवाई अगले आम चुनाव तक टाल दी जाए। हम इस मसले का जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं।