मुस्लिम धर्म गुरुओं और नेताओं ने बुधवार को अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानने की बात कही है। अखिल भारतीय उलेमा काउंसिल के महासचिव मौलाना महबूब दरयादी ने कहा, सुनवाई पूरी होने से हम बेहद खुश हैं।
उन्होंने कहा- हम चाहते हैं कि कोर्ट सुबूतों के आधार पर फैसला दे न कि धार्मिक भावनाओं का खयाल करके कोई फैसला सुनाए। हम शुरू से कह रहे हैं कि कोर्ट को जो भी फैसला होगा, वह हमें मंजूर होगा। हालांकि, दूसरे पक्ष को भी कोर्ट का जो भी फैसला आए, उसे मंजूर करना चाहिए।
वहीं, अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी निकाय के सदस्य मौलाना सैयद अथराली का कहना है कि यह मालिकाना हक का मुकदमा है। हमने कोर्ट के समक्ष पर्याप्त सुबूत पेश कर दिए हैं और उम्मीद है कि हम जीतेंगे। हालांकि, कोर्ट का जो भी फैसला होगा, हम उसका सम्मान करेंगे और उसे मानेंगे।
वहीं, खोजा शिया जमात के वरिष्ठ सदस्य शब्बीर सोमजी ने कहा, हमें न्यायपालिका का सम्मान करना चाहिए और जो भी फैसला आएगा, उसे मानेंगे और उसका सम्मान करेंगे।