चुनाव आयोग ने चुनाव वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों जागरूकता अभियान चला रहा है। इससे अभियान से मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जा रहा है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) चुनाव वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ईवीएम/वीवीपीएटी जागरूकता अभियान चला रहा है। इससे अभियान से मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जा सके।
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मंगलवार तक असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के मतदान केंद्रों पर आयोजित ईवीएम प्रदर्शन शिविरों में 12 लाख से अधिक मतदाताओं ने भाग लिया। इसके साथ ही 11 लाख से अधिक मतदाताओं ने इन प्रदर्शनों में सांकेतिक मतदान किया। 29 हजार से अधिक मतदान केंद्रों (पीएसएल) को पहले ही एमडीवी (डिजिटल वोटिंग व्हीकल) द्वारा कवर किया जा चुका है।
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इन राज्यों में है चुनाव
केरल में वामदल, तमिलनाडु में डीएमके, पश्चिम बंगाल में टीएमसी, असम व पुदुचेरी में भाजपा की अगुवाई वाले राजग के सामने अपना गढ़ बचाने की चुनौती है। वहीं, भाजपा के सामने दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु में अपनी ताकत साबित करने का अवसर के साथ पश्चिम बंगाल में दशकों से कमल खिलाने की इच्छा भी है। इसके अलावा असम में जीत की हैट्रिक लगाने और पुदुचेरी में राजग की अगुवाई वाली सरकार को बनाए रखने की भी चुनौती होगी।