करोड़ों रुपये की
कर चोरी का पता लगाने में मदद करने वाले रवि दत्त शंकर को शनिवार को
राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने 25 साल के कार्यकाल के दौरान 47 मामलों 961.92 करोड़ रुपये की कर चोरी का पता लगाया। इन मामलों में स्वेच्छा से 99.44 करोड़ रुपये जमा कराए गए। शंकर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलीजेंस (डीजीजीएसटीआई) में खुफिया अधिकारी हैं।
इस विभाग को पहले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस के नाम से जाना जाता था। 1992 से विभाग में कार्यरत शंकर को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रपति की ओर से अवॉर्ड दिया। 541.61 करोड़ रुपये के केंद्रीय उत्पाद शुल्क/सेवा कर की चोरी का पता लगाने में भी उनकी अहम भूमिका रही। इसमें पार्टियों द्वारा 270.97 करोड़ रुपये जमा कराए गए।