करीब 5,000 कंटेंट क्रिएटर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका उत्पाद (प्रोडक्ट) लोगों को प्रभावित करता है और उनके पास इसे और अधिक प्रभावी बनाने का मौका है।
उन्होंने कहा, 'हम साथ मिलकर करोड़ों लोगों को आसानी से महत्वपूर्ण मामलों को समझा सकते हैं। दोस्तों, वैसे तो मेरे चैनल पर हजारों वीडियो हैं, लेकिन मेरे लिए सबसे ज्यादा संतोष की बात तब हुई जब मैंने यूट्यूब के माध्यम से अपने देश के लाखों छात्रों से परीक्षा के तनाव, अपेक्षा प्रबंधन, उत्पादकता जैसे विषयों पर बात की।'
पीएम मोदी ने कहा, मैं भी आपके बीच का ही हूं। 15 साल से एक यूट्यूब चैनल के जरिए देश से जुड़ा हूं और मेरे पास भी अच्छी खासी संख्या में सब्सक्राइबर हैं। एक यूट्यूबर के तौर पर आज आपके बीच आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। खास बात यह रही कि चर्चा के अंत में मोदी ने किसी आम यूट्यूबर की ही तरह अपनी बात का समापन करते हुए कहा, मेरा चैनल सब्सक्राइब करें और मेरे हर अपडेट्स आपको मिलें इसके लिए बेल आइकन जरूर दबाएं।
स्वच्छता को आपने कूल बना दिया
उन्होंने कहा, पिछले नौ सालों में स्वच्छ भारत एक बड़ा अभियान बना। सभी ने अपना योगदान दिया, बच्चों ने इसे भावनात्मक ताकत दी तो हस्तियों ने ऊंचाई दीं। यूट्यूबर्स ने 'क्लीनलीनेस' को 'कूल' बना दिया। हमें अब रुकना नहीं है, जब तक ये स्वच्छता भारत की पहचान न बन जाए, हम रुकेंगे नहीं।
वीडियो के जरिये डिजिटल भुगतान करना सिखाएं
पीएम ने कहा, यूपीआई की सफलता के कारण भारत आज दुनिया की डिजिटल पेमेंट्स में 46 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। आप देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित करें, अपने वीडियोज के माध्यम से आसान भाषा में उन्हें डिजिटल भुगतान करना सिखाएं।
लोकल को बना सकते हैं ग्लोबल
इसी प्रकार, वोकल फॉर लोकल, हमारे देश में स्थानीय स्तर पर इतने सारे प्रॉडक्ट बनते हैं, हमारे स्थानीय कारीगरों की स्किल लाजवाब होती है। आप अपने काम के जरिये भारत के लोकल को ग्लोबल बनाने में मदद कर सकते हैं। आप लोगों को प्रेरित कीजिये कि जिस उत्पाद में हमारी मिट्टी की सुगंध हो, देश के किसी मजदूर का, किसी कारीगर का पसीना हो, हम वो चीज खरीदेंगे।
वैसे तो हजारों वीडियो लेकिन परीक्षा पर चर्चा वाला खास
मोदी ने कहा, वैसे तो मेरे चैनल पर हजारों वीडियो हैं, लेकिन सबसे संतुष्टि वाला वीडियो वो है जिसमें मैंने हमारे देश के लाखों छात्रों से परीक्षा के तनाव, अपेक्षा प्रबंधन, उत्पादकता जैसे विषयों पर बात की।