नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने मंगलवार को कहा, कोरोना वायरस अभी भी देश के कुछ हिस्सों में अपना असर दिखा रहा है। अभी खत्म नहीं हुआ है। लोगों को यह समझना चाहिए कि अभी भी देश में भीड़भाड़ से काफी नुकसान हो सकता है। शादियों और पार्टियों से लोगों को बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि टीका लगाने का मतलब यह नहीं है कि सब ठीक हो गया और अब कोरोना नहीं होगा। शायद न भी हो, लेकिन आपके जरिये किसी और को नुकसान दे सकता है। एक बार इसके बढ़ने से वापस नियंत्रण में लाने के लिए कई सप्ताह या महीने लग जाते हैं।
डॉ. पॉल ने प्रेस कन्फ्रेंस में कहा, लोग सोचते हैं कि कोरोना कही नहीं है। पड़ोस के किसी व्यक्ति ने नियमों का उल्लंघन कर दिया। उन्होंने शादी समारोह में कई लोगों को बुला लिया तो हम भी ऐसा ही करेंगे।
आगे कहा, हम इस तरह के समारोह में सामाजिक संबंध भी देखते हैं, जबकि लोगों को यह समझना चाहिए कि बीमारी इनमें से एक भी चीज को ध्यान नहीं देती है। ऐसे में लोगों से आग्रह है कि वह समझदारी का परिचय देते हुए अपना और अपने परिवार का बचाव करें।
कोरोना से साल के अंत तक मिलेगी निजात, यह सोचना सही नहीं: डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्युएचओ) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यह सोचना अभी बिल्कुल भी सही नहीं है कि कोरोना महामारी से इस साल के अंत तक निजात मिल पाएगी।
डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन कार्यक्रम के निदेशक डॉ. माइकल रेयान ने कहा, अस्पताल में भर्ती होने और मौतों को कम करके ही कोरोना संकट से बाहर निकलना संभव हो सकता है। वायरस बहुत हद तक नियंत्रण में है। लगातार सात हफ्ते की गिरावट के बाद इस हफ्ते वैश्विक स्तर पर कोरोना संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि हुई है। अगर हम सावधानी बरतेंगे तो इसे खत्म कर सकते हैं।
फिलहाल, डब्ल्यूएचओ का ध्यान वायरस के प्रसार को कम करने पर है, जिससे कोरोना के नए-नए स्वरूपों के विकास को रोकने में मदद मिल सके और साथ ही साथ बीमार लोगों की संख्या भी कम की जा सके। एजेंसी
डेढ़ करोड़ लोगों को अब तक टीका, 50 लाख से ज्यादा पंजीयन
देश में 1.5 करोड़ लोगों को टीका दिया जा चुका है, जिनमें 67.04 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को पहली और 26 लाख को दूसरी खुराक देने में कामयाबी मिली है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ आरएस शर्मा ने मंगलवार को बताया कि दो दिन में 50 लाख से भी अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी, अग्रिम पंक्ति के योद्धा, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और 45 से 59 वर्ष की आयु के पहले से बीमार व्यक्ति पंजीयन करा चुके हैं।