हवाई सफर को और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक्शन प्लान लागू किया है। इसके तहत एयरलाइंस और एयरपोर्ट पर कड़ी नजर रखी जाएगी। औचक निरीक्षण बढ़ेंगे, नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी और हादसों व तकनीकी गड़बड़ियों की रिपोर्टिंग पूरी तरह डिजिटल की जाएगी।
दरअसल, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने वर्ष 2026 के लिए वार्षिक निगरानी कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत उड़ानों की सुरक्षा पर पहले से ज्यादा कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि सुरक्षा मानकों में किसी तरह की ढिलाई न रहे। इस योजना के तहत एयरलाइंस और अन्य ऑपरेटरों का नियमित ऑडिट किया जाएगा। साथ ही रात में औचक निरीक्षण, रैंप इंस्पेक्शन और स्पॉट चेक भी होंगे। इन जांचों के जरिए यह परखा जाएगा कि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।
अगर कोई एयरलाइन या ऑपरेटर तय सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वित्तीय जुर्माना भी लगाया जाएगा, ताकि नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित हो सके। विमान हादसों और तकनीकी गड़बड़ियों की रिपोर्टिंग को भी डिजिटल बनाया जा रहा है। इसके लिए डीजीसीए ने अपने ई जीसीए पोर्टल पर नया डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इससे किसी भी घटना की सूचना तुरंत दर्ज हो सकेगी और जांच व आगे की कार्रवाई में तेजी आएगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय संसद में एक प्रश्न के जवाब में स्पष्ट किया है कि सभी भारतीय एयरपोर्ट और एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मानकों के अनुरूप सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम और इमरजेंसी रिस्पांस प्लान लागू रखना होगा। सरकार का मानना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा किसी भी आपात स्थिति से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा।