सर्दियों में कोहरे के कारण उड़ानों पर असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के हवाई अड्डों पर तैयारियों की समीक्षा की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, कोहरे का मौसम 15 दिसंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक रहने का अनुमान है। मंत्रालय ने इस दौरान उड़ानों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने और यात्रियों को होने वाली परेशानी कम करने के निर्देश दिए हैं।
कोहरे को लेकर हुई पहली बैठक की अध्यक्षता नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने की। इसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। दिल्ली समेत कोहरे से प्रभावित अन्य हवाई अड्डों और एयरलाइंस के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में डीजीसीए को नियमों का पालन सुनिश्चित करने और विमानों व क्रू की तैयारियों की जांच करने को कहा गया। एयरलाइंस को कम दृश्यता में उड़ान भरने के लिए योग्य क्रू और उपयुक्त विमान तैनात करने होंगे। साथ ही, उड़ानों का समय तय करते समय व्यावहारिक स्थिति का ध्यान रखने और जरूरत पड़ने पर समय रहते फैसले लेने के निर्देश दिए गए।
तकनीकी प्रणालियों की जांच के निर्देश
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और हवाई अड्डों का संचालन करने वाली एजेंसियों को इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और रनवे विजुअल रेंज की जांच करने को कहा गया है। ये प्रणालियां कम दृश्यता में विमान के सुरक्षित संचालन में मदद करती हैं। हवाई अड्डों पर सुरक्षा और टर्मिनल में पर्याप्त जगह की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल और हवाई यातायात सेवाओं से जुड़ी एजेंसियों को कोहरे के दौरान विमानों की आवाजाही सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें तय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विमानों के संचालन में तालमेल बनाए रखना होगा।
उड़ान में बदलाव की सूचना एसएमएस और ईमेल से मिलेगी
मंत्रालय ने एयरलाइंस को उड़ानों में देरी, रद्द होने या प्रस्थान का समय बदलने की जानकारी यात्रियों को समय पर देने को कहा है। इसके लिए एसएमएस, मोबाइल ऐप और ईमेल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे यात्रियों को बिना जरूरत हवाई अड्डे तक आने से बचने में मदद मिलेगी।
लंबे समय तक उड़ानें प्रभावित रहने पर चेक-इन काउंटर, हेल्प डेस्क और ग्राहक सेवा केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने होंगे। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि हवाई अड्डों की हेल्पलाइन पर ऐसे कर्मचारी होने चाहिए, जो यात्रियों के सवालों का सही जवाब दे सकें और उनकी समस्याओं का समाधान कर सकें।
मौसम विभाग को नियमित पूर्वानुमान और समय पर मौसम संबंधी अपडेट देने को कहा गया है। वहीं,बीसीएएस और सीआईएसएफ को यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को टर्मिनल में दोबारा प्रवेश और फिर से विमान में सवार होने की सुविधा देने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा एयरलाइंस को ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों में पर्याप्त कर्मचारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें सामान की ढुलाई और विमानों की अगली उड़ान की तैयारी समय पर पूरी करनी होगी। साथ ही, प्रभावित यात्रियों की मदद भी करनी होगी।