प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के बीच नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर सहमति बनी। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रिया के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रिया के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना है। बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद दोनों देश ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर की।
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प्रेस विज्ञप्ति में क्या बोले पीएम मोदी?
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ संयुक्त प्रेस बयान में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि चांसलर का यह दौरा व्यापार और निवेश में नई ऊर्जा लाएगा। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रिया मिलकर टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे, ताकि दुनिया को भरोसेमंद समाधान मिल सके।
उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाएंगे। साथ ही IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मॉन्टेना यूनिवर्सिटी के बीच हुआ समझौता इस सहयोग का अच्छा उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि 2023 में हुए माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते के तहत अब नर्सिंग सेक्टर में भी लोगों के आने-जाने को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा रिसर्च और स्टार्टअप्स में भी दोनों देश साथ काम करेंगे। भारत और ऑस्ट्रिया ने मिलकर 'वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' भी शुरू किया है, जिससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
वैश्विक तनाव पर कही ये बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि युद्ध से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, दोनों देश शांति और स्थिरता का समर्थन करते हैं। दोनों नेताओं ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार और आतंकवाद को खत्म करने पर भी सहमति जताई।
चांसलर स्टॉकर की पहली भारत यात्रा
इससे पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर स्टॉकर ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित किए। चांसलर स्टॉकर अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं। साल 2025 में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत और एशिया यात्रा है। बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी चांसलर स्टॉकर से मुलाकात की थी। इसको लेकर विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर खुशी जताते हुए कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली चर्चा से सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।