विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ मंगलवार को पांचवें भारत-ऑस्ट्रेलिया लीडरशिप डायलॉग को संबोधित किया। इस दौरान भारत की हिंद-प्रशांत समुद्री पहल का प्रबल समर्थक बताते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की तारीफ करते हुए कहा कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ प्रगाढ़ होते दोनों देशों के संबंध अब घनिष्टता के नए दौर में हैं।
जयशंकर ने बताया कि अप्रैल 2022 में हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार 20 अरब डॉलर और निवेश 25 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, भारतीय छात्रों के लिए ऑस्ट्रेलिया प्रमुख शैक्षिक गंतव्य है, एक लाख से ज्यादा भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे है। इसके अलावा भारतीय मूल के 7.2 लाख से ज्यादा लोग रह रहे हैं, जो कि दोनों देशों की ताकत हैं।
सागर पहल का हिस्सा एआईपीओआई
2015 में पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से घोषित सागर (सेक्युरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन) पहल के तहत जारी ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव पार्टनरशिप (एआईपीओआई) का जोर खासतौर पर खुली, समावेशी, समृद्ध और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के लिए हिंद-प्रशांत समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर है।
भारत और मंगोलिया के बीच मजबूत होगी सामरिक साझेदारी : राजनाथ
उलानबटोर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीं खुरेलसुख समेत अन्य शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और दोनों देशों बीच बहुआयामी स्तर की सामरिक साझेदारी को मजबूती पर चर्चा की। मंगोलिया की यात्रा करने वाले राजनाथ देश के पहले रक्षामंत्री हैं।
राजनाथ ने मंगोलिया के रक्षामंत्री के साथ परस्पर हितों को ध्यान में रखते हुए रक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। इस दौरान साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून का शासन कायम करने पर भी मंथन हुआ। दोनों मंत्रियों ने भारत-मंगोलिया ज्वॉइंट वर्किंग समूह पर भी विचार-विमर्श किया। इस साल के अंत में यह समूह भारत में मिलेगा। राजनाथ ने मंगोलिया की राजधानी में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में भारत की मदद से तैयार साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा भारत-मंगोलिया फ्रेंडशिप स्कूल का शिलान्यास किया।