CM Fadnavis On Aurangzeb And SC Reservation: महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि राज्य सरकार ऐतिहासिक और संवैधानिक मुद्दों पर सख्त रुख अपनाएगी और केंद्र व न्यायपालिका के फैसलों का पूरी तरह पालन करेगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई धर्म बदल कर एससी श्रेणी से बाहर हो जाएगा और उसे आरक्षण नहीं मिलेगा।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दो अहम मुद्दों पर बयान देते हुए कहा कि इतिहास को सही नजरिए से देखा जाना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को राज्य सरकार पूरी तरह लागू करेगी। इस दौरान सीएम फडणवीस ने औरंगजेब को लेकर कहा- 'सबसे पहले तो यह साफ कर दूं कि औरंगजेब भारत का कोई हीरो नहीं है। भारत के किसी भी समाज के लिए वह प्रेरणास्रोत नहीं हो सकता। इसलिए उसे माला पहनाना या उसका महिमामंडन करना गलत है।'
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औरंगजेब की कब्र एक संरक्षित स्मारक- फडणवीस
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि औरंगजेब की कब्र एक संरक्षित स्मारक है, जिसे भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) की तरफ से संरक्षित किया गया है। 'इस जगह को संसद के बनाए कानून के तहत केंद्र सरकार की देखरेख में रखा गया है। इस पर कोई भी फैसला राज्य सरकार नहीं ले सकती, फैसला केंद्र सरकार ही ले सकती है।' सीएम फडणवीस ने कहा कि इतिहास को गलत तरीके से महिमामंडित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि सच्चाई और तटस्थता के साथ देखा जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के SC आरक्षण पर फैसले को लागू करेगी सरकार
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण से जुड़े मामले पर कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में यह साफ कर दिया कि एससी आरक्षण सिर्फ हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के लोगों को मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है, तो वह एससी श्रेणी से बाहर हो जाएगा और उसे आरक्षण नहीं मिलेगा।' उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब इसी आदेश के अनुसार कदम उठाएगी और एससी प्रमाणपत्र जारी करने में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
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हम स्थिर हैं- सीएम फडणवीस
वहीं सीएम फडणवीस ने शुक्रवार को शिवसेना प्रमुख और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उद्धव ठाकरे के साथ एक दिन पहले हुई अपनी मुलाकात पर कहा कि उनकी सरकार उप-मुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार के समर्थन से स्थिर है। राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र के खत्म के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, जब उनसे भाजपा के पूर्व सहयोगी उद्धव ठाकरे को सत्ता पक्ष में आने के उनके प्रस्ताव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हल्के-फुल्के संवाद को मीडिया की सुर्खियां बनाने पर निराशा जताई। इस दौरान उन्होंने अपने बगल में बैठे अपने उप-मुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, हम स्थिर हैं।