लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को लेखा परीक्षा दिवस और लेखा परीक्षक सम्मेलन के समापन समारोह को सम्बोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, सीएजी दुनिया के सबसे प्रभावी और प्रतिष्ठित ऑडिट संस्थानों में से एक है। सदन और संसदीय समितियों के भीतर सीएजी की रिपोर्ट पर चर्चा और सकारात्मक सुझाव देश के लोकतंत्र को मजबूत करता है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि सीएजी रिपोर्ट पर सदन में पार्टी लाइन से परे जाकर चर्चा की जाती है और राष्ट्र के हित में निर्णय लिए जाते हैं।
सीएजी की भूमिका का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि इस संस्थान को संविधान ने व्यापक और सक्रिय भूमिका प्रदान की है और सुनिश्चित किया है कि उनकी निष्ठा केवल संविधान और राष्ट्र के प्रति हो। सीएजी सभी हितधारकों को आश्वस्त करती है कि सरकारी निधियों का उपयोग दक्षतापूर्वक और नियत प्रयोजन हेतु ही किया जा रहा है। अपनी बेस्ट प्रैक्टिस के कारण सीएजी विश्व की अग्रणी ऑडिट संस्था है और लोक वित्त एवं शासन से संबंधित स्वतंत्र, विश्वसनीय, संतुलित और समय बद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए उन्हें पूरे विश्व में जाना जाता है।
बदलते परिप्रेक्ष्य में सीएजी की बढ़ती भूमिका के विषय में लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सीएजी रिपोर्टों का महत्व बढ़ा है तथा देश में लेखापरीक्षा की प्रासंगिकता और बढ़ी है। सरकार के कामकाज का आकलन करते समय सीएजी के पास आउटसाइडर व्यूपाइंट होता है, जिससे वित्तीय बचत व् कुशल कार्ययोजना में वृद्धि होती है। संसदीय लोकतंत्र में शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को मूलमंत्र बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि जनता के धन का असरदार और किफायती उपयोग संसद और शासन दोनों का ध्येय है। इस संबंध में बिरला ने राज्यों के वित्तीय अनुशासन को सुनिश्चित करने में सीएजी की भूमिका पर प्रकाश डाला।
देश की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के संदर्भ में लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि डिजिटल इकोनॉमी के दौर में सशक्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल वित्तीय रिकार्ड सीएजी की भूमिका को और भी चुनौतीपूर्ण बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतीयों से निपटने के लिए कौशल और प्रशिक्षण के साथ साथ नवीनतम तकनीक में पारंगत होना आवश्यक है। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएजी ऑडिटिंग के क्षेत्र में देश की आवश्यकताओं के अनुसार नवाचारों को अडाप्ट कर रही है, जो उसे और अधिक सशक्त और प्रोडक्टिव बनाएंगे।