कोरोना संक्रमण से बचने के लिए 20 मार्च से ही राजधानी दिल्ली में सिनेमा घरों को बंद कर दिया गया था। लेकिन गुरुवार को लगभग सात महीने के बाद खुलने के बाद भी सिनेमा प्रेमियों को निराशा ही हाथ लगी। गुरुवार को राजधानी के ज्यादातर सिनेमाहॉल साफ-सफाई में ही लगे रहे और सिनेमा हाल्स खुलने के पहले दिन कोई शो नहीं हो सका। दिल्ली के पीवीआर रिवोली, प्लाजा और वीथ्रीएस मॉल के सिनेपोलिस के स्क्रीन पूरी तरह ठप पड़े रहे। उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार से सिनेमा घरों में दर्शकों की हलचल शुरू हो सकेगी। सिनेमा घरों को खोलते समय दर्शकों को संक्रमण से बचाने के लिए पर्याप्त तैयारी रखने के लिए कहा गया है।
Cinepolis
- फोटो : Amar Ujala
वहीं, युवाओं में सिनेमाघरों को खोलने के फैसले को लेकर काफी उत्साह दिखाई प़ड़ा। अनेक युवा जोड़े अपने दोस्तों के साथ सिनेमा घरों को खोलने को लेकर पूछताछ करते दिखाई पड़े। युवाओं का कहना था कि सिनेमा देखने वाले ज्यादातर लोग वयस्क होते हैं, जो संक्रमण के खतरों को समझते हुए इससे बचे रहने के लिए पर्याप्त जागरूक होते हैं। ऐसे में इस वर्ग के लिए सिनेमा घरों को खोलने में कोई गलत नहीं है।
यूपी के रामपुर से दिल्ली घूमने आए एक प्रेमी जोड़े मोहम्मद बिलाल खान ने कहा कि वे बहुत शौक के साथ दिल्ली घूमने आए थे, लेकिन सिनेमा घरों के बंद होने से उन्हें निराशा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार लगभग सभी गतिविधियां शुरू कर चुकी है, ऐसे में सिनेमा घरों को भी खोल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे लोग चाहते हैं कि अब सब कुछ एक बार फिर पहले जैसा हो जाए।
पटरियों पर समान बेचते दुकानदार और ग्राहक
- फोटो : Amar Ujala
वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. शिवानी सिंह ने कहा कि अगर सिनेमा घरों में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सभी पर्याप्त इंतजाम किये जा सकते हैं तो इन्हें खोलने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन अगर किसी भी वजह से इनमें सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किये जा सकते, तो अभी हर गतिविधि को शुरू करने की जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए।
पीवीआर प्लाजा के एक कर्मचारी लल्लन यादव ने बताया कि गुरुवार को पूरे हॉल में साफ-सफाई का काम चल रहा है। हर सीट को साफ कर उसे सैनिटाइज किया जा रहा है। संभावना है कि शामशााम से ही लोगों को ऑनलाइन टिकट उपलब्ध हो जाएगा और लोग सिनेमा का आनंद उठा सकेंगे।
रिवोली के सामने पटरी दुकानदारों को भी सिनेमा के खुलने का काफी बेसब्री से इंतजार है। दुकानदार राजू ने कहा कि जब सिनेमा हॉल्स चलते थे, तब युवा काफी अधिक संख्या में यहां आते थे। वे उनके सामानों की काफी अधिक संख्या में खरीद भी किया करते थे। लेकिन जब से सिनेमाघरों पर पाबंदी लागू की गई, उनका पूरा व्यापार ठप पड़ गया। उनके जैसे सैकड़ों दुकानदारों को भी दर्शकों का इंतजार है।