प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों की दो दिवसीय नीलामी प्रक्रिया रविवार को शुरू हुई। दिल्ली के राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) में आयोजित नीलामी से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल सरकार की अहम ‘नमामि गंगे’ परियोजना में होगा। पहले दिन की नीलामी में छत्रपति शिवाजी महाराज का एक स्टैच्यू 22000 रुपये में नीलाम हुआ जबकि इसकी शुरुआती कीमत 1000 रुपये थी। हालांकि एनजीएमए ने पहले दिन सबसे महंगे बिके उपहार या कुल कितनी राशि नीलामी से जुटाई गई, इसकी जानकारी नहीं दी। उसका कहना है कि इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।
उपहारों की ई-नीलामी के लिए वेबसाइट https://openauction.gov.in शुरू की गई है। वेबसाइट पर उपहारों की पूरी जानकारी है। इनकी कीमत 100 रुपये से 30,000 रुपये के बीच है। वेबसाइट पर कीमत के आधार पर उपहारों के बारे में सर्च किया जा सकता है। पीतल, चीनी मिट्टी, कपड़ा, कांच, सोना, धातु की सामग्री आदि के आधार पर उपहारों की श्रेणी बनाई गई है। इसके अलावा सामग्री के आकार, वजन की भी जानकारी दी गई है। प्रधानमंत्री को ये उपहार किसने दिए, इस बारे में भी बताया गया है। जो उपहार एनजीएमए में नीलाम नहीं होंगे, उनकी ई-नीलामी 29-31 जनवरी को की जाएगी।
नीलामी में राधा-कृष्ण की सोना चढ़ी एक मूर्ति भी है। इसकी शुरुआती कीमत 20000 रुपये रखी गई है। गुजरात के सूरत में मांडवी नगर पालिका ने 4.76 किलोग्राम की यह मूर्ति प्रधानमंत्री को दी थी। नीलामी की सूची में सबसे महंगा उपहार 2.22 किलोग्राम की एक सिल्वर प्लेट है। इसकी कीमत 30000 रुपये है। पूर्व भाजपा सांसद सी. नरसिम्हन ने यह उपहार दिया था। इसके अलावा नीलामी में स्टैच्यू, फोटोग्राफ, पेंटिंग, अंगवस्त्रम, शॉल, हैट, जैकेट, स्मारक सिक्के, पारंपरिक संगीत वाद्य आदि शामिल हैं।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने बताया था कि नीलामी में प्रधानमंत्री को देश और विदेश में मिले 1900 उपहारों को रखा जाएगा। रविवार को हुई नीलामी के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल, सांसद मनोज तिवारी और मीनाक्षी लेखी समेत कई अन्य विशिष्ट लोग भी पहुंचे।