अभी सादियाबाद स्थित एमए कॉन्वेंट स्कूल में राष्ट्रगान की उपेक्षा का मामला शांत नहीं हुआ है कि अब इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में राष्ट्रगान की अनदेखी को लेकर घमासान शुरू हो गया है। छात्र नेता राणा यशवंत प्रताप सिंह की अगुवाई में छात्रों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह तथा अन्य के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को भी ज्ञापन सौंपा। इसके विपरीत ऋचा ने आरोपों का खंडन किया है। बॉटनी विभाग में सोमवार को शुरू इंस्पायर कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में पहुंचे हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अप्पाराव पोडिले का ऋचा सिंह की अगुवाई में तीव्र विरोध हुआ था।
छात्र-छात्रा सभागार में भी घुस गए थे। विभागाध्यक्ष तथा कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर अनुपम दीक्षित का कहना है कि जब छात्र पहुंचे तो राष्ट्रगान चल रहा था। इसके बावजूद उनका विरोध जारी रहा। अब इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया है। कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्रों ने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। छात्र ऋचा सिंह, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शालू यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा लिखकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उन्होंने चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्कासन की भी मांग की। इसके बाद छात्रों ने छात्रसंघ भवन पर प्रदर्शन किया।
ज्ञापन सौंपने वालों में राणा के अलावा अवधेश कुमार तिवारी, सूर्यभान सिंह, दुर्गेश नंदन मिश्र नंदनी, मोनू ठाकुर आदि शामिल रहे। उधर, ऋचा सिंह की अगुवाई में छात्र संगठनों की बैठक में इस आरोप का खंडन किया गया। उनका कहना था कि बॉटनी विभाग में प्रदर्शन के दौरान कोई राष्ट्रगान नहीं हो रहा था।
ऋचा ने राष्ट्रगान के नाम पर राजनीति करने और लोगों की भावना को भड़काकर परिसर का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। ऋचा के साथ छात्रों ने विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनुपम दीक्षित से भी वार्ता की। उनका कहना था कि यदि राष्ट्रगान के दौरान विरोध प्रदर्शन हुआ था तो चीफ प्रॉक्टर से इसकी लिखित शिकायत क्यों नहीं की गई। ऋचा का यह भी कहना था कि हाल में दो कैमरे लगे हैं। उनकी वीडियो फुटेज उपलब्ध कराई जाए। अन्यथा, विभागाध्यक्ष अपना बयान वापस लें। बैठक में अखिलेश गुप्ता, चंदन सिंह, अंकुश यादव, अजीत यादव विधायक, डीपी यादव, सुनील मौर्य, गौरव आदि मौजूद रहे।