अतुल सुभाष की आत्महत्या के खिलाफ बंगलूरू के आईटी कर्मचारियों में आक्रोश
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उत्तर प्रदेश के आईटी प्रोफेशनल अतुल सुभाष ने पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर फांसी लगा ली। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। ताजा घटनाक्रम में बेलंदूर के इकोस्पेस बिजनेस पार्क में आईटी कर्मचारियों ने एक्सेंचर कार्यालय के बाहर मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद में भी विरोध का आह्वान
अतुल सुभाष के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए लगभग 100 लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। हालांकि, सभी एक्सेंचर के कर्मचारी ही थे, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल लोगों के बीच इंसाफ की मांग करते हुए पोस्टर भी बांटे गए। इसका मकसद दिल्ली में जंतर-मंतर के अलावा कोलकाता और हैदराबाद में एक्सेंचर कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन के लिए जनता-कर्मचारियों को एकजुट करना है।
चार शहरों में विरोध प्रदर्शन करने की अपील
पुरुषों के अधिकारों के लिए काम करने वाली एनजीओ- सेव इंडियन फैमिली फाउंडेशन ने चार शहरों में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। एनजीओ के बयान के मुताबिक अतुल को श्रद्धांजलि देने के लिए एक साथ आएं और न्याय की लड़ाई में एकजुटता दिखाएं।
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
गौरतलब है कि अतुल से अलग हो चुकीं पत्नी निकिता सिंघानिया सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी- एक्सेंचर में नौकरी करती हैं। अतुल की मौत के बाद बड़े पैमाने पर निकिता को बर्खास्त करने की मांग भी हो रही है। सुभाष के परिवार ने न्याय की मांग की है और उसकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
यह मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। बंगलूरू में आईटी पेशेवर अतुल सुभाष के आत्महत्या करने के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दहेज और घरेलू हिंसा से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि कानूनों में सुधार के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाए ताकि इनका दुरुपयोग रोका जा सके।
बंगलूरू पुलिस की टीम UP पहुंची
इस मामले में कर्नाटक से यूपी के जौनपुर पहुंची बंगलुरू पुलिस की टीम ने शुक्रवार को सबसे पहले डाक बंगला स्थित निकिता के ताऊ के आवास पर नोटिस चस्पा किया। इसके बाद ढालगर टोला स्थित निकिता के घर पर नोटिस चिपकाया गया। इसमें सभी को अगले तीन दिन में उपस्थित होने को कहा गया है।