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Atul Subhash Case: बंगलूरू की अदालत से पत्नी निकिता, सास निशा सिंघानिया को जमानत, आरोपी परिवार को बड़ी राहत

Sat, 04 Jan 2025 06:44 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

बंगलूरू के आईटी इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में बंगलूरू सिटी सिविल कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और पत्नी के भाई अनुराग सिंघानिया को जमानत दे दी है।
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मां और भाई के साथ निकिता सिंघानिया - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बीते साल 2024 का सबसे चर्चित आत्महत्या केस अतुल सुभाष मामले में बंगलूरू कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। दरअसल, बंगलूरू सिटी सिविल कोर्ट ने आरोपी सिंघानिया परिवार की याचिका स्वीकार करते हुए अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और पत्नी के भाई अनुराग सिंघानिया को जमानत दे दी है। इससे पहले 20 दिसंबर 2024 को भी तीनों ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
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अतुल सुभाष आत्महत्या केस
बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले अतुल सुभाष और यूपी के जौनपुर जिले की निवासी निकिता सिंघानिया की शादी साल 2019 में हुई थी। जिसके कुछ दिन बाद से ही दोनों के बीच कई मामलों लेकर अनबन थी। इसके बाद से दोनों ने तलाक के किए कोर्ट कचहरी के चक्कर भी लगाए थे। अतुल सुभाष ने फैमिली कोर्ट की जज रीता कौशिक और ससुरालीजनों की तरफ से बड़े पैमाने पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नौ दिसंबर 2024 को आत्महत्या कर ली थी।

आत्महत्या से पहले लिखा 24 पन्नों का सुसाइड नोट
पुलिस के मुताबिक, अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले 24 पन्नों का एक सुसाइट नोट और एक घंटे से ज्यादा लंबा समय वीडियो रिकॉर्ड किया था। जिसमें उन्होंने अपनी शादी के बाद तनाव, पारिवारिक समस्याओं और पत्नी व ससुराल वालों की ओर से उत्पीड़न का जिक्र किया। यह सुसाइड नोट उन्होंने एक एनजीओ के व्हाट्सएप ग्रुप में भी साझा किया था। 
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14 दिसंबर को गिरफ्तार हुआ था सिंघानिया परिवार
वहीं अतुल सुभाष के आत्महत्या के बाद 14 दिसंबर को उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया को हरियाणा के गुरुग्राम और सास निशा सिंघानिया और भाई अनुराग सिंघानिया को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तीनों को बंगलूरू लाया गया था, जहां अदालत में पेश करने के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
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