तेलंगाना में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं ने एक पुलिस इंस्पेक्टर और कांस्टेबल को घेरकर जिंदा जलाने की कोशिश की। मेडचल-मल्काजगिरी जिले के जवाहरनगर क्षेत्र की घटना में पुलिस इंस्पेक्टर की हालत गंभीर है और उसे इलाज के लिए सिकंदराबाद भेजना पड़ा है, जबकि कांस्टेबल के दोनों हाथ बुरी तरह जख्मी हो गए हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जल्द ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ एक पुलिस टीम बृहस्पतिवार को जवाहरनगर क्षेत्र में सरकारी जमीनों से अवैध कब्जा हटवाने गई थी। इंस्पेक्टर पी. बिकासपति राव के नेतृत्व वाली पुलिस टीम में दो सब इंस्पेक्टर और 15 अन्य पुलिकर्मी शामिल थे।
इस दौरान अवैध रूप से जमीनें कब्जाने वालों के समूह में शामिल पूनम चंद, निहाल चंद, शांति देवी, निर्मल, बालसिंह, चीनाराम पटेल, गीता, गोदावरी, योगी कमल, मदनलाल आदि ने स्थानीय नेता रंगुला शंकर और शोभा रेड्डी के नेतृत्व में पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
आरोपियों ने पुलिस को गाली देने के साथ ही उन पर मिर्ची पाउडर फेंकना शुरू कर दिया। इसी दौरान पहले से ही अवैध रूप से निर्मित कमरे में मौजूद निहाल, शांति और निर्मल ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
कमरे से बड़े पैमाने पर आग और धुआं बाहर आते देखकर इंस्पेक्टर बिकासपति व कांस्टेबल बी. अरुण ने दरवाजा खोला तो सामने मौजूद तीनों आरोपियों ने उन पर पेट्रोल फेंक दिया।
इससे इंस्पेक्टर और कांस्टेबल तत्काल आग की चपेट में आ गए। अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आग बुझाई और दोनों को दमईगुडा अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से हालत गंभीर होने पर इंस्पेक्टर को सिकंदराबाद के अस्पताल में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं। पहला मामला सब इंस्पेक्टर सीएच सैलू की शिकायत पर पुलिस पर हमला करने और सरकारी अधिकारियों से गाली गलौच करने का है, जबकि दूसरे मुकदमे में पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी अधिकारियों से गालीगलौच करने के आरोप लगाए गए हैं।
यह मुकदमा जवाहरनगर की नगरायुक्त मंगम्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया। दोनों मामलों की जांच डीसपी मल्काजगिरी के नेतृत्व में चल रही है।