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'संविधान बदलने की कोशिश': एक देश, एक चुनाव पर चिदंबरम ने उठाए सवाल, कहा- सरकार की मंशा नहीं पूरी होने देंगे

Tue, 25 Aug 2026 11:57 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ बिल पास होने के बावजूद 2029 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराना संभव नहीं होगा। उन्होंने बिल को संघीय ढांचे और संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ बताया। चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएंगे।
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पी. चिदंबरम, राज्यसभा सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि अगर संसद से ' 'एक देश, एक चुनाव' बिल पास भी हो जाता है, तो भी 2029 में एक साथ चुनाव कराना संभव नहीं होगा।

चिदंबरम ने क्या कहा? 

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चिदंबरम ने एक्स पर लिखा ‘मैं ओएनओई जेपीसी के सामने अपने विचार रखने का मौका मिलने के लिए आभारी हूं। मैं जेपीसी के सामने पेश किए गए अपने सबूतों का खुलासा करने के लिए स्वतंत्र नहीं हूं, लेकिन मेरे बयान का मुख्य मकसद यह था कि यह बिल संविधान की बुनियादी विशेषताओं, खासकर संघीय देश में संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।’

2029 में एक साथ चुनाव को लेकर क्या कहा? 
जेपीसी चेयरमैन के उस बयान पर टिप्पणी करते हुए जिसमें कहा गया था कि 2029 में एक साथ चुनाव हो सकते हैं। चिदंबरम ने कहा, 'मैंने जेपीसी चेयरमैन का वह बयान पढ़ा है जिसमें कहा गया है कि 2029 में एक साथ चुनाव संभव हैं। मुझे लगता है कि उनकी राय गलत है और यह बिल के प्रावधानों के खिलाफ है। अगर बिल पास भी हो जाता है (जिसकी संभावना बहुत कम है), तो बिल के तहत 'तय तारीख' केवल 'आम चुनाव के बाद' की ही तारीख हो सकती है।
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बिल के विरोध में विपक्ष क्या करेंगी? 
उन्होंने आगे कहा, 'अगले आम चुनाव 2029 में होंगे। इसलिए 2029 में एक साथ चुनाव कराना संभव नहीं है। यह एक अच्छी बात है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस बिल के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएंगे, क्योंकि संघीय ढांचे वाले देश की संसदीय लोकतंत्र व्यवस्था में यह बिल संवैधानिक रूप से बहुत गलत है।'

पब्लिक पॉलिसी संस्थानों ने क्या सुझाव दिए हैं? 
इस बीच, 'एक देश, एक चुनाव' बिल की समीक्षा कर रही संसदीय समिति को सोमवार को विचार-विमर्श के दौरान कई सुझाव मिले। सूत्रों के अनुसार, दो पब्लिक पॉलिसी संस्थानों ने सुझाव दिया कि राज्य विधानसभा चुनावों को टालने के लिए मनमाने फैसलों की जगह तय और कानूनी रूप से जांचे जा सकने वाले आधार होने चाहिए। इसके  साथ ही इसके लिए समय-सीमा भी निश्चित होनी चाहिए।

क्या है एक देश, एक चुनाव बिल? 
संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024, 'एक देश, एक चुनाव के नाम से प्रस्तावित सुधार से जुड़ा है, जिसका मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है। केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 भी उस बड़े ढांचे का हिस्सा है, जिसका मकसद पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

यह बिल 17 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में पेश किए गए। वहीं, आगे की जांच के लिए जेपीसी को भेजे गए इन बिलों का मकसद पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना है।

संविधान (129वां संशोधन) बिल, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2024 पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने कई स्टडी विजिट की हैं। अलग-अलग विषयों के जानकारों के साथ बैठकें की हैं। सबसे हालिया स्टडी विजिट प्रोग्राम जुलाई में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। 

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