कांग्रेस के नेतृत्व में कुछ विपक्षी दलों ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर विपक्षी एकता पर हमले के लिए पलटवार करते हुए कहा कि वे एकजुट हैं जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन बिखरा हुआ है। विपक्ष ने कहा कि 2019 के आम चुनावों में वे भाजपा को हराएंगे।
कांग्रेस, वामपंथी दल और अन्य ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि वह ‘घबराहट’ में ऐसा बोल रहे हैं और राजग बिखर रहा है न कि विपक्ष, जो एकजुट है। मोदी ने कुछ मीडिया संस्थानों को दिए साक्षात्कार में कहा है कि विपक्ष की एकता ‘निजी अस्तित्व को बचाए रखने के लिए है न कि विचारधारा के समर्थन के लिए है’ और ‘निजी महत्वाकांक्षाओं’ के लिए है न कि जन आकांक्षाओं के लिए। उनके साक्षात्कार के बाद विपक्षी दलों के बयान आए हैं।
मोदी ने कहा कि ‘महागठबंधन’ वंशवाद को लेकर है न कि विकास के लिए है और पूरी तरह सत्ता की राजनीति है न कि लोगों के जनादेश की राजनीति है, देखना यह है कि यह चुनाव से पहले टूटता है या उसके बाद।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि विपक्ष की एकता टूटने का प्रधानमंत्री का बयान ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ की तरह है। सच्चाई यह है कि तानाशाह एवं अराजकतावादी जैसे प्रधानमंत्री के खिलाफ पूरा देश एकजुट हो गया है।
सुरजेवाला ने कहा कि अगर कोई गठबंधन बिखरा है तो राजग का, न कि संप्रग का। 2019 में ताश का घर बिखरने वाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सहयोगियों शिवसेना और तेलगू देशम पार्टी ने उनका साथ छोड़ दिया है और शिरोमणि अकाली दल भी अलग सुर अलाप रहा है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को मनाने के लिए राज्यसभा उपसभापति का पद जनता दल (यूनाईटेड) को दिया गया। राकांपा नेता तारिक अनवर ने कहा कि अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष की एकता और मजबूत होगी।
सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘घबरा’ गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मूल नारा था ‘भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’ जो अब बदलकर हो गया है ‘जो लोग भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाएंगे उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाकपा के डी. राजा ने कहा कि विपक्ष की एकता पूरी तरह कायम है और राजग में बिखराव हो रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 48 हजार करोड़ रुपये के राफेल घोटाले और छत्तीसगढ़ में 36 हजार करोड़ रुपये के पीडीएस घोटाले पर कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले की जिम्मेदारी क्यों नहीं तय की जो देश का ‘सबसे बड़ा नौकरी घोटाला’ है।