विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक ने कहा है कि अगर उनके संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया तो वह देश के मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जाकिर नाईक ने शनिवार को भारतीयों के नाम एक खुले खत में पांच सवाल पूछे हैं और एक अपील की है। खत में उन्होंने लिखा है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उन पर आतंकी उपदेशक का ठप्पा लगाया गया है।
नाईक ने लिखा, '150 देशों में मेरा सम्मान किया जाता है और मेरी चर्चाओं का स्वागत होता है। लेकिन मेरे खुद के देश में मुझे आतंक के लिए दबाव डालने वाला कहा जाता है। कितनी दुखद बात है। अब ही ऐसा क्यों जबकि मैं 25 साल से ऐसा कर रहा हूं।'
गौरतलब है कि जाकिर नाईक इस समय देश से बाहर हैं। पीस टीवी के संस्थापक नाइक उस वक्त से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी के दायरे में आ गए जब एक बांग्लादेशी अखबार ने लिखा कि ढाका में एक जुलाई को हुए आतंकी हमले का एक हमलावर उनके उपदेशों से प्रेरित था। नाईक ने खत के जरिए पूछा कि वे राज्य और केंद्र सरकार के लिए दुश्मन नंबर वन क्यों बन गए हैं।
उन्होंने सरकारी एजेंसियों की जांच पर सवाल उठाया। नाईक ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को खारिज करते हुए खुद को बेगुनाह बताया। उन्होंने लिखा, 'मैं खुद को यह पूछने से नहीं रोक पा रहा हूं कि मुझ पर निशाना क्यों साधा गया? तब मुझे अहसास हुआ कि यदि आपको किसी समुदाय को निशाना बनाना है तो उसके सबसे बड़े चेहरे को सबसे पहले निशाना बनाओ।'