महाराष्ट्र के पुलिस इंस्पेक्टर भीमराव घाडगे ने बृहस्पतिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए उन्होंने पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ अत्याचार कानून के तहत प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई है। घाडगे ने सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने वाली उनकी याचिका का पुरजोर विरोध किया।
घाडगे ने वकील एसबी तलेकर के जरिये हाईकोर्ट दाखिल हलफनामे में कहा कि परमबीर सिंह अपने करियर के दौरान भ्रष्टाचार में लिप्त रहकर पुलिस बल को बदनाम किया है। हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह सिंह की याचिका पर 21 मई को सुनवाई करेंगे।
वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया था कि 21 मई तक सिंह को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। घाडगे ने सबसे पहले जनवरी 2016 में सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और तब इस मामले की जांच नहीं की गई, इसलिए उन्होंने इस साल फिर शिकायत दर्ज कराई।
घाडगे ने अकोला में आपराधिक सबूतों को नष्ट करने, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कराया। बाद में इस एफआईआर को जांच के लिए ठाणे पुलिस को सौंप दिया गया।