धार्मिक ग्रंथ, संतों, मंदिर, मठ और आश्रमों पर विवादित टिप्पणी देकर घिरे स्वामी बालेंदू ने दो दिवसीय नास्तिक सम्मेलन को रद्द कर दिया है। बालेंदू के गुरुवार को दिए बयान पर शुक्रवार को भी भारी विरोध हुआ। संत समाज, विभिन्न धर्मोें से जुड़े लोगों और राजनीतिक दलों ने नारेबाजी की और पुतला फूंक विरोध जताया।
शुक्रवार को सुबह से ही संत, हिंदूवादी, राजनीतिक दल और मुस्लिम समाज के लोग भारी संख्या में बालेंदू के परिक्रमा मार्ग स्थित अम्माजी होटल पहुंच गए। यहीं नास्तिक सम्मेलन होना था। संतों और स्थानीय लोगाें ने जमकर नारेबाज की और पुतला फूंका।
तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। फिर भी भीड़ में एक युवक ने अम्माजी होटल पर पत्थर फेंककर शीशा तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। वहीं एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ और एलाआईयू के अधिकारी मौके पर जमे रहे। बालेंदू के संतों से माफी मांगने और भविष्य में ऐसे आयोजन न करने के आश्वासन पर मामला शांत हो पाया।
होटल में आग लगाने को आमादा थी भीड़
नास्तिक सम्मेलन का विरोध करने आए लोग एक बार को पुलिस के काबू से बाहर हो चले थे। भीड़ आयोजन स्थल को आग लगाने पर आमादा थी। पुलिस के बीचबचाव और बालेंदू के लिखित माफीनामे पर ही लोग माने। बालेंदू ने भविष्य में नास्तिक सम्मेलन न आयोजित करने का आश्वासन भी दिया।