फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अटल जी ने शुरू किया था सरकारी खर्च पर रोजा इफ्तार का आयोजन करवाना

Fri, 17 Aug 2018 08:27 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

अटल जी प्रधानमंत्री थे और सरकारी खर्च पर रोजा इफ्तार शुरू हुआ। समरता के भाव में पके अटल जी ने कोई एक नहीं पूरे जीवन में कई प्रतिमान तोड़े। 

विज्ञापन


सच्चे अर्थों में कहें तो देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने जिस भारत के लोकतंत्र की नींव रखी थी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सच्चे अर्थों में उसे आकार दिया था। अब अटल जी हमारे बीच में नहीं रहे।

शोरशाह सूरी का तोड़ा रिकार्ड

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने देश में कई मानदंड स्थापित किए। 11-13 मई को अंतरराष्ट्रीय दबावों को धता बताते हुए उन्होंने पोखरण में परमाणु परीक्षण कराया। 
विज्ञापन


देश की दूर संचार नीति को एक ढांचा दिया। उन्होंने पहली दूर संचार नीति बनाई। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर देश में संचार क्रांति का आगाज किया। 11 फरवरी 1999 को सदा-ए-सरहद बस के यात्री बनकर दिल्ली से लाहौर गए और वहां उनका स्वागत पाकिस्तान के तत्काल प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने किया।

प्रधानमंत्री वाजपेयी ने देश में आधारभूत संरचना को पहचना। देश को चारो कोनों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए स्वर्ण चतुर्भुज योजना की शुरूआत की। 

मुगलकालीन शासक शेर शाह सूरी की ग्रैंड ट्रंक रोड के बाद प्रधानमंत्री वाजपेयी की सरकार ने इस रिकार्ड को तोड़ा। इससे पहले किसी परियोजना में एक साथ इतने बड़े पैमाने पर सड़कों के निर्माण की शुरूआत नहीं हुई थी।

कावेरी जल विवाद

कावेरी जल विवाद का मुद्दा करीब एक सौ 18 साल से अधिक पुराना है। तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी जी ने ही अपने कार्यकाल में इस विवाद के समाधान की पहल की थी। साफ्टवेयर विकास के लिए प्रोद्यौगिकी कार्यदल का गठन किया था। विद्युतीकरण में गति लाने के लिए वाजपेयी जी की सरकार ने ही केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग की स्थापना की। वह प्रधानमंत्री वाजपेयी ही थे, जिनकी सरकार ने राजमार्ग के विकास के साथ-साथ देश में हवाई अड्डे के विकास तथा इसकी जरूरत पर जोर दिया था। 

कोंकण रेलवे की शुरूआत भी अटल जी के समय में हुई थी। आज कोंकण रेलवे अपनी सफलता के नए मुकाम बना रहा है। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय में ही देश में व्यापार एवं उद्योग समिति का गठन हुआ।

बुलाया मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन

दलगत विचारधारा से ऊपर उठकर देश हित में सोचने का जज्बा अटल बिहारी वाजपेयी में था। वह देश के प्रधानमंत्री थे और मंहगाई बढ़ रही थी। अटल जी ने इस समस्या के समाधान के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ मिलकर परस्पर सहयोग और क्रियान्वयन की नीति को आगे बढ़ाया। 

दिल्ली में राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। उड़ीसा के साथ सबसे गरीब क्षेत्रों की पहचान भी उनके समय में की गई। इन क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रम को लागू करने की पहल हुई।
विज्ञापन

अर्बन सीलिंग कानून भी लाए

महानगरों में अतिक्रमण, अवैध निर्माण जैसा चलन बढ़ने पर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इस तरफ भी अपनी सक्रियता दिखाई। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार अर्बन सीलिंग एक्ट को संसद की मंजूरी दिलाई। इस कानून के पारित होने के बाद दिल्ली जैसे महानगर को आने वाले समय की तमाम परेशानियों से मुक्त किया जा सका।

सच में हार नहीं मानते थे

अटल जी हार नहीं मानते थे। अटल जी के जमाने में विदेश सचिव रहे शशांक के अनुसार परमाणु परीक्षण का निर्णय हो या पाकिस्तान, चीन के साथ संबंध हमारे तत्कालीन प्रधानमंत्री की कुंडली में हार मानना लिखा ही नहीं था।

वह जिस तरह से पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर जमी बर्फ को हटाने के लिए पहल किए, बस से लाहौर गए और फिर कारगिल युद्ध हुआ और फिर राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ वार्ता की पहल का दु:साहस दिखाया, कोई आसान घटना नहीं है। 2003 में संघर्ष विराम समझौता और पाकिस्तान की सीमा से भारत में आतंकियों की घुसपैठ रोकने का समझौता कोई सामान्य बात नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें