देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। वह लगभग दो महीनो से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। गुरुवार सुबह जारी हुए मेडिकल बुलेटिन में बताया गया है कि उनकी हालत नाजुक है। उनकी स्थिति जस की तस बनी हुई है। हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। वह अभी भी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ही हैं। माना जा रहा है कि कुछ देर में फिर से उनका मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा।
इसी बीच लखनऊ के एनडी कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल में गुरुवार सुबह जब छात्र-छात्राओं को पता चला कि वाजपेयी जी की हालत नाजुक है तो वह सभी उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना में जुट गए। स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं उनके लिए इबादत में जुट गए। स्कूल की शिक्षिका का कहना है कि हम भारत के जननायक
अटल बिहारी वाजपेयी के शीघ्र स्वस्थ होने और उनके दीर्घायु होने की कामना करते हैं।
हम आपको उनके बचपन के
दोस्त मन राखन मिश्रा का एक किस्सा बताते हैं जिससे आपको उनका चीजों को अलग तरह से देखने के नजरिए का पता चलेगा। उनके दोस्त ने बताया कि अटलजी अपने घर में सबसे छोटे थे इसलिए केवल मुझपर उनका जोर चलता था। वह मेरे घर की खिड़की पर खड़े होकर मेरे बचपन का नाम मुन्ना पुकारा करते थे। पीएम बनने के बाद भी वह मेरे कंधो पर हाथ रखकर बातें किया करती थी।
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि बात उस समय की है जब 25 दिसंबर को जश्न के दौरान तोप चलाई जाती थी। अटल जी हमें गिरिजाघर दिखाने ले जाया करते थे और फिर बोलते थे देखो मेरे
जन्मदिन का जश्न कितने धूमधाम से मनाया जा रहा है। वह कहते थे कि देख मेरे जन्मदिन पर तोप चलाई जा रही हैं। आगरा में साल 1988 में भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान लोगों ने उनके स्वागत जुलूस में जमकर पुष्पवर्षा की। इस स्वागत से विभोर होकर उन्होंने मंच से कहा था कि आगरा के लोग तो फूलों से ही घायल कर देते हैं।