देशभर में विमानों में बम होने की धमकियां मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय विमानन कंपनियों को रविवार को यात्रियों को लेकर उड़ान भर रहे कम से कम 50 विमानों में बम होने की धमकी मिली। पिछले 14 दिनों में भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित 350 से अधिक उड़ानों में बम होने की झूठी धमकी मिली है। ज्यादातर धमकियां सोशल मीडिया के जरिए दी गईं। जिसके चलते यात्रियों में काफी डर देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में आज अयोध्या एयरपोर्ट पर भी विमान में बम होने की धमकी मिली थी।
भारतीय विमानन कंपनी अकासा एअर ने रविवार को कहा कि उसकी 15 उड़ानों को सुरक्षा अलर्ट मिला और गहन निरीक्षण के बाद सभी विमानों के परिचालन की अनुमति दी गई। मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इंडिगो को 18 उड़ानों और विस्तारा को 17 उड़ानों के दौरान विमान में बम होने की धमकियां मिलीं।
विमानन कंपनियों को लगातार बम की धमकियां मिलने की पृष्ठभूमि में इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंचों से दायित्वों का पालन करने और सूचना तकनीकी (आईटी) नियमों के तहत सख्ती के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर गलत सूचना तक पहुंच को तुरंत हटाने या अक्षम करने के लिए कहा है।
लगातार सामने आ रही इस तरह का घटनाओं को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय विमानन कंपनियों को मिलने वाली बम की झूठी धमकियों के खतरे से निपटने के लिए विधायी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।
इससे पहले शनिवार को विमानन कंपनियों को उनके विमानों को बम से उड़ाने की मिलने वाली फर्जी धमकियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंचों से कहा है कि वे उचित सावधानी बरतें और सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत निर्धारित कठोर समयसीमा के भीतर गलत सूचना को तुरंत हटा दें या उस तक पहुंच को बाधित करें।
केंद्र ने संबंधित मंचों को आईटी नियमों और भारतीय न्याय संहिता के तहत उनके दायित्वों के बारे में भी याद दिलाया है और मानदंडों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। सरकार ने जारी परामर्श में सोशल मीडिया मंचों से कहा कि आईटी नियमों के तहत वे अपने पास मौजूद सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा जांच एजेंसियों को 72 घंटे तक की निर्धारित समयसीमा के भीतर सहायता प्रदान करने के लिए बाध्य हैं।