ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को मदर ऑफ पर्ल समुद्री शैल फूलदान उपहार में दिया। महाराष्ट्र के तटीय कारीगरों का बनाया यह फूलदान राज्य की कुशल शिल्पकला का प्रमाण है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव को पारंपरिक वारली पेंटिंग भेंट की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को झारखंड की प्रसिद्ध सोहराय पेंटिंग उपहार में भेंट की। इसके अलावा उन्होंने ईरान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों को महाराष्ट्र के कलाकारों की बनाईं आकर्षक कलाकृतियां तोहफे में प्रदान कीं।
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अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को मदर ऑफ पर्ल समुद्री शैल फूलदान उपहार में दिया। महाराष्ट्र के तटीय कारीगरों का बनाया यह फूलदान राज्य की कुशल शिल्पकला का प्रमाण है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव को पीएम ने पारंपरिक वारली पेंटिंग भेंट की, जो महाराष्ट्र की वारली जनजाति की 5,000 वर्ष पुरानी कला है। यह अपनी विशिष्ट शैली और सुंदरता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
क्या है सोहराय कला
सोहराय पेंटिंग प्राकृतिक रंगों व सरल उपकरणों के इस्तेमाल के लिए जानी जाती है। कलाकार जटिल डिजाइन बनाने के लिए टहनियों, चावल की भूसी या यहां तक कि अंगुलियों को ब्रश के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। सोहराय पेंटिंग के कलाकार सरल पर भावपूर्ण कहानी कहने की शैली के लिए जाने जाते हैं। इस कला में पशु, पक्षी व प्रकृति चित्रण कृषि जीवनशैली व आदिवासी संस्कृति में वन्यजीवों के प्रति श्रद्धा का प्रतिबिंब है। हजारीबाग की सोहराय कला एक जिला एक उत्पाद के रूप में मान्यता दी गई है।