अमेरिकी वैक्सीन एजेंसी के एक निवेश से दवा निर्माता एस्ट्राजेनेका ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 वैक्सीन की 400 मिलियन खुराक के लिए अपना पहला समझौता किया। एंग्लो-स्वीडिश कंपनी के अनुसार उसने वैक्सीन का विकास, उत्पादन और वितरण करने के लिए यूएस बायोमेडिकल एडवांस्ड रिसर्च एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से एक अरब रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की है।
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक भी कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुट गए हैं। हालांकि अभी यह प्राथमिक चरण में है। आईआईटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि जल्द ही जानवरों पर इसका ट्रायल शुरू होगा। संस्थान के प्रो. दिब्येंदु दास, प्रो. अप्पू सिंह और प्रो. सर्वदानंद और उनकी टीम बीते डेढ़ माह से कोरोना की वैक्सीन बनाने में जुटी है।
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि यह टीम अभी बेहद शुरुआती दौर में है। उन्होंने बताया कि टीम अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कोरोना वायरस को मानवीय कोशिकाओं में प्रवेश करने से कैसे रोका जाए