फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assembly Polls: शुभेंदु बोले- TMC नहीं भाजपा का समर्थन करेंगे मुसलमान; केरल BJP ने वर्काला पर उतारा प्रत्याशी

Sun, 22 Mar 2026 05:01 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है। राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी चौसर पर कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जा रहा है? किस राज्य में कौन सा गठबंधन या रणनीति अधिक कारगर साबित होगी? अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़े हर छोटे-बड़े अपडेट्स अमर उजाला की इस खबर में जानिए
विज्ञापन
चुनावी राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अप्रैल-मई में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं। निर्वाचन आयोग तैयारियों की समीक्षा के बाद मतदान और नतीजों के साथ-साथ चुनाव से जुड़ी तमाम तारीखों का एलान कर चुका है। राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों के नाम का एलान करना भी शुरू कर दिया है। कहीं चुनावी घोषणा पत्र के वादों से जनता को लुभाने के प्रयास किए जा रहे हैं, तो किसी राज्य में क्षेत्रीय अस्मिता को मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कई राजनीतिक दलों के बड़े चेहरे जनसभाओं के माध्यम से जनाधार बढ़ाने की कवायद भी कर रहे हैं।
विज्ञापन


पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में कैसा राजनीतिक माहौल है? आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब किस राज्य में कौन सी सियासी गतिविधि सुर्खियां बटोर रही है? राजनीतिक दलों के बीच कैसे सियासी गठजोड़ पर मंथन हो रहा है? विधानसभा सीटों पर उतारे जा रहे प्रत्याशियों में कौन कद्दावर उम्मीदवार है, किसे पहली बार किस्मत आजमाने का मौका मिल रहा है? राजनीतिक धुरंधरों में किसके पास विरासत की ताकत है? कौन पहली बार राजनीतिक अखाड़े में दांव-पेंच आजमाने आ रहा है? सियासी चौसर पर कितने नए राजनीतिक दल या निर्दलीय प्रत्याशी पहली बार अपना भाग्य आजमाएंगे?

ऐसे तमाम सवालों से जुड़े अपडेट्स अमर उजाला की इस रिपोर्ट में एक ही जगह पर पढ़ें...

बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच भिड़े BJP-TMC समर्थक

पश्चिम बंगाल में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मियों के बीच आज उत्तरी 24 परगना में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों के बीच झड़प की खबर सामने आई। बारानगर में हुई इस घटना के बाद 
हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। झड़प पर बारानगर के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (ACP) सिद्धार्थ सिंह डांगी ने बताया, हालात सामान्य हैं और हम स्थिति को काबू में करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप प्रत्यारोप
इस मामले में बारानगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सजल घोष ने कहा कि TMC ने पिछले साल भी हम पर हमला किया था... अब हम इसे और बर्दाश्त नहीं करेंगे। तनाव को लेकर इस सीट से TMC उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी ने कहा, 'मैं चुनाव प्रचार कर रही थी। इसी बीच भाजपा के लोग बाहर से लोगों को ले आए। उन्होंने एक दिव्यांग व्यक्ति को भी पीटा। यही भाजपा की संस्कृति है। उन्हें पता है कि वे चुनाव हारने वाले हैं और इसलिए वे कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।'

पुडुचेरी में AIADMK को दो सीटें

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दल- एआईएडीएमके ने आगामी विधानसभा चुनावों में दो सीटों पर ताल ठोकने की घोषणा की है। शनिवार को गठबंधन धर्म का सम्मान करने की बात करते हुए पार्टी ने कहा कि वह चुनाव नतीजे आने के बाद सत्ता में हिस्सेदारी मांगेगी। एआईएडीएमके सचिव अनबझगन ने बताया कि पार्टी उप्पलम और ओरलियनपेट से लड़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए पुडुचेरी में सत्ता बरकरार रखेगा। अनबझगन ने बताया कि 2021 में पांच सीटों पर लड़ने के बाद पार्टी हार गई थी। बदले हालात में एआईएडीएमके कम सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी की अनुमति से दो सीटें स्वीकार की गईं। एनडीए में सीट बंटवारे के फॉर्मूले के तहत एआईएनआरसी को 16 और भाजपा को 14 सीटें मिली हैं। भाजपा ने एआईएडीएमके और लक्ष्य जननायक काची को दो-दो सीटें दीं। भाजपा 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची पहले ही जारी कर चुकी है।

तमिलनाडु चुनाव: वीसीके-डीएमके सीट-बंटवारा जल्द

विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) विधायक एसएस बालाजी ने कहा कि 2026 तमिलनाडु चुनावों के लिए डीएमके के साथ सीट-बंटवारे की घोषणा कुछ दिनों में होगी। मुख्यमंत्री स्टालिन पार्टी कार्यकर्ताओं का साक्षात्कार कर रहे हैं। वीसीके ने उम्मीदवारों से आवेदन लेना शुरू किया है। वीसीके अध्यक्ष थिरुमावलवन ने कहा कि डीएमके द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या बताने के बाद ही समझौता होगा।

नगालैंड विधानसभा उप-चुनाव में कांग्रेस ने उतारा प्रत्याशी

कांग्रेस पार्टी ने टी चालुकुम्बा एओ को नगालैंड विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया है। आगामी नगालैंड विधानसभा उपचुनाव में कोरिडांग-एसटी निर्वाचन क्षेत्र से ताल ठोकेंगे।

असम विधानसभा चुनाव: भाजपा प्रवक्ताओं को कमर कसने के निर्देश

भाजपा ने असम में चुनाव प्रचार को गति देने के लिए पार्टी के प्रवक्ताओं को निर्देश दिए हैं। केंद्र के साथ-साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कार्यकाल में हुए काम का प्रचार करने के लिए राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने असम के पार्टी प्रवक्ताओं को जरूरी निर्देश दिए। शनिवार को उन्होंने कहा, 'डबल-इंजन' सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से उजागर करें। साथ ही, कांग्रेस की 'तुष्टिकरण की राजनीति' का जोरदार पर्दाफाश किया जाए। प्रवक्ताओं को तथ्यों के आधार पर विपक्ष का मुकाबला करने को कहा गया है।

बलूनी ने विश्वास जताया कि एनडीए 9 अप्रैल के विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सरमा के नेतृत्व में असम विकास की नई गाथा लिख रहा है और असम पूर्वोत्तर में विकास का प्रवेश द्वार बन रहा है।

रेड रोड में नमाज और कालीघाट मंदिर में पूजा, तेज हुई ध्रुवीकरण की खींचतान

पश्चिम बंगाल की चर्चित भवानीपुर विधानसभा सीट पर त्योहारों के जरिये सियासी ध्रुवीकरण की खूब कोशिश हुई। इसी सीट से विधायक बनकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचीं ममता बनर्जी संदेश के लिए कोलकाता के रेड रोड में ईद की नमाज में पहुंचीं। उसी दौरान नेता प्रतिपक्ष और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी नवरात्र के मौके पर कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। दोनों ही नेताओं ने आस्था के जरिए समर्थकों को संदेश दिया। हालांकि बंगाल की सियासत में ध्रुवीकरण की रेखा और भी साफ होती दिखाई दी। ममता का फोकस अल्पसंख्यक और सेक्युलर वोटरों को जोड़ने पर है। वहीं, भाजपा बहुसंख्यक पहचान को मजबूत करने में जुटी है। इससे राज्य में स्पष्ट ध्रुवीकरण की स्थिति बन रही है।

राज्य को बांटने की कोशिश सफल नहीं होने देंगे

ममता ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। कहा, हम किसी भी कीमत पर एसआईआर के जरिये मतदाताओं के अधिकार छीनने नहीं देंगे। लोकतंत्र की रक्षा के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे। बंगाल की सामाजिक एकता का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को बांटने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यहां सभी समुदाय साथ रहते हैं और इस परंपरा को टूटने नहीं दिया जाएगा।

तृणमूल तुष्टीकरण में, हम समान न्याय के लिए जुटे

शुभेंदु अधिकारी ने कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बचाना जरूरी है। तृणमूल पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सभी के लिए समान न्याय की बात करती है। शुभेंदु ने बहुसंख्यक पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता को सामने रख राजनीतिक संदेश दिया।

एसआईआर पर बढ़ता टकराव
राज्य में एसआईआर को लेकर विवाद और गहरा गया है। तृणमूल का आरोप है कि असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। खासकर अल्पसंख्यक इलाकों में इसका ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। वहीं, भाजपा का कहना है कि यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है। यही मुद्दा अब चुनावी ध्रुवीकरण को और तेज करने का कारण बनता दिख रहा है।

मार्च से ममता की यात्रा
ममता 24 मार्च से चुनावी यात्रा शुरू करेंगी। ईद के मंच से दिया गया संदेश इस पूरे अभियान की दिशा तय करता दिख रहा है। तृणमूल चुनाव को अधिकार बनाम हस्तक्षेप के रूप में पेश कर रही है। तृणमूल जहां वोटिंग अधिकार को खतरे में बता रही है। वहीं, भाजपा तुष्टीकरण बनाम समान न्याय की बात कर रही। यह सीधी वैचारिक लड़ाई है, जो मतदाताओं को दो स्पष्ट खेमों में बांट सकती है।

मुसलमान भाजपा का समर्थन करेंगे, टीएमसी का नहीं- अधिकारी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार में जुटे राज्य के विपक्ष के नेता और भावानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी का कहना है, 'मुसलमान भाजपा का समर्थन करेंगे, टीएमसी का नहीं।'
 

केरल भाजपा ने वर्काला सीट से एड. एस. स्मिता को बनाया उम्मीदवार

केरल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने वर्काला सीट से एडवोकेट एस. स्मिता को उम्मीदवार बनाया है। केरल के 140 सदस्यों के चुनाव के लिए 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके नतीजे 4 मई को आएंगे।
 
विज्ञापन

असम से लेकर केरल और पश्चिम बंगाल तक हर जगह असंतुष्ट बढ़ा रहे राजनीतिक दलों की मुश्किलें
चुनाव नजदीक आते ही टिकट मिलने या न मिलने को लेकर राजनीतिक दलों में असंतोष उभरना आम है। असम, केरल, प. बंगाल और पुडुचेरी में प्रमुख पार्टियों की तरफ से सूचियां जारी किए जाने के बाद कुछ ऐसी ही स्थिति नजर आ रही है, जहां बागियों ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। किसी ने अपना टिकट कटने पर दूसरे दल का दामन थाम लिया, तो कोई पार्टी छोड़ नए विकल्प तलाशने में लगा है। दूसरे दल से आए नेताओं को टिकट मिलने पर उभरा आंतरिक असंतोष भी राजनीतिक दलों का सिरदर्द बढ़ा रहा है।

असम में टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष इस कदर हावी है कि स्थिति संभालने के लिए खुद सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को मोर्चा संभालना पड़ा है। कई मौजूदा विधायक और दावेदार टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दे रहे हैं। हिमंत और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया नाराज नेताओं को मनाने में जुटे हैं।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस से आए प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर और भूपेन बोरा को बिहपुरिया सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कई पुराने नेताओं में नाराजगी देखी गई है। दिसपुर में वरिष्ठ नेता जयंता दास ने खुलकर विरोध किया और पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। पूर्व मंत्री अतुल बोरा टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने पर विचार जताया। गुवाहाटी की अन्य सीटों पर भी टिकट कटने से असंतोष है। बिहपुरिया में विधायक अमिया कुमार भुइयां और सोनारी से पूर्व सांसद टोपोन कुमार गोगोई ने भी निर्दलीय लड़ने की संभावना जताई है। बराक घाटी के कुछ विधायकों में भी नाराजगी है।

दावेदार 1400 से अधिक सबको टिकट संभव नहीं
असम के मुख्यमंत्री सरमा का कहना है कि 1400 से अधिक दावेदारों में सभी को टिकट देना संभव नहीं है और पार्टी ने नए चेहरों को प्राथमिकता दी है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि पार्टी के भीतर बातचीत जारी है और सभी नेता अंततः पार्टी हित में निर्णय लेंगे।

पुडुचेरी में नाराज पूर्व मंत्री ने छोड़ी भाजपा
पुडुचेरी में चुनावों से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मंत्री एके साई जे सरवननकुमार ने टिकट न मिलने से नाराज होकर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भेज दिया है। चर्चा है कि सरवननकुमार टीवीके में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके में शामिल होने पर अभी चुप्पी साध रखी है।

केरल में कई बदल चुके पाला
नट्टिका से भाकपा विधायक सीसी मुकुंदन टिकट कटने के बाद भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। माकपा नेता और पूर्व मंत्री जी सुधाकरण अंबालापुझा से कांग्रेस के समर्थन से लड़ने की तैयारी में हैं। चिलकुडी में कांग्रेस के पूर्व नेता बीजू एस चिरायथ पार्टी छोड़कर एलडीएफ समर्थित उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

बंगाल में भी जमकर दिख रहा असंतोष
पश्चिम बंगाल में टिकट बंटवारे के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के भीतर जमकर असंतोष सामने आया है। तृणमूल ने करीब छह दर्जन मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं, जिस पर नाराज होकर अमडांगा, हरिश्चंद्रपुर, भांगड़ समेत कई जगहों पर दावेदारों और उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। अलीद्वारपुर और कोलकाता में सीट बंटवारों को लेकर नाराजगी की वजह से भाजपा को ही ऐसे प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा।

असम : तृणमूल ने कांग्रेस के बागी विधायक शेरमन को दिया टिकट
तृणमूल ने रविवार को असम के लिए 7 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की। सबसे अहम नाम कांग्रेस के बागी विधायक शेरमन अली अहमद का है। वे मांडिया से उम्मीदवार होंगे। अनुशासनहीनता के कारण कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पहले वह राइजोर दल में शामिल हुए थे। राइजोर विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है। जब राइजोर ने उन्हें टिकट नहीं दिया, तो वह तृणमूल में शामिल हो गए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें