केरल विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। पीके कुन्हालीकुट्टी अब वेंगारा की जगह मलप्पुरम सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि वेंगारा से केएम शाजी को उम्मीदवार बनाया गया है।
पार्टी ने अन्य उम्मीदवारों के नाम भी घोषित किए हैं। फैसल बाबू को कोझिकोड दक्षिण, फातिमा तहिलिया को पेराम्ब्रा, जयंती राजन को कुत्तुपरम्बा, रजाक मास्टर को कुन्नमंगलम, रहमतुल्ला को मंजेरी और अनवर नाहा को तिरुरंगड़ी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
गोवा विधानसभा उपचुनाव: 21-पोंडा सीट से केतन भाटीकर से कांग्रेस के उम्मीदवार
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आगामी गोवा विधानसभा उपचुनाव के लिए 21-पोंडा सीट से केतन भाटीकर को पार्टी के उम्मीदवार के रूप मंजूरी दी है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी जानकारी दी।
भाकपा (माले) लिबरेशन पश्चिम बंगाल चुनाव में 10 सीटों पर लड़ेगी: दीपंकर भट्टाचार्य
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चा के हिस्से के रूप में 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने में विफल रहा है कि पश्चिम बंगाल में 'विचाराधीन' में रखे गए 60 लाख से अधिक मतदाता चुनाव में वोट दे पाएंगे। 'विचाराधीन' मतदाता वे होते हैं, जिनकी मतदान पात्रता फिलहाल जांच के दायरे में है।
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भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा कि वाम दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित राज्य में एक मजबूत विकल्प देने की कोशिश करेंगे और भाजपा को रोकेंगे, जो किसी भी तरह वहां सत्ता में आना चाहती है। पश्चिम बंगाल में माकपा के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा 2021 के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाया था, जिसने 2011 तक लगातार 34 साल तक राज्य में शासन किया। इस बार पश्चिम बंगाल में वाम दलों की संभावनाओं को लेकर उन्होंने दावा किया कि राज्य में एक नया और सकारात्मक राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, पहली बार भाकपा (माले) और वाम मोर्चा के बीच सीट बंटवारे का समझौता हुआ है। हम वाम गठबंधन के हिस्से के रूप में 10 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। आईएसएफ भी इस समझौते का हिस्सा होगी।
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि एसआईआर ने तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे चुनावी राज्यों में पहले ही लाखों मतदाताओं को मतदान अधिकार से वंचित कर दिया है। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में यह केवल नाम हटाने का मामला नहीं है। 60 लाख से अधिक मतदाताओं को 'विचाराधीन' रखा गया है। चुनाव आयोग की ओर से कोई भरोसा नहीं मिला है कि इन मामलों का निपटारा चुनाव से पहले हो जाएगा।
वाम मोर्चा ने जारी की 192 उम्मीदवारों की सूची
वाम मोर्चा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 192 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी। वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने भी कहा कि भाकपा (माले) लिबरेशन और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) सहयोगी के रूप में उम्मीदवार उतारेंगे। 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी।