तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी सलेम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। अन्नाद्रमुक ने इस सूची में कई अनुभवी नेताओं को मैदान में उतारा है। इनमें के पी मुनुसामी, डिंडीगुल सी श्रीनिवासन और नाथम आर विश्वनाथन शामिल हैं। पार्टी ने पश्चिमी क्षेत्र के प्रमुख नेताओं एसपी वेलुमणि और पी थंगामणि को भी टिकट दिया है। वेलुमणि थोंडामुथुर से और थंगामणि कुमारपालयम से चुनाव लड़ेंगे। अन्नाद्रमुक ने अपनी सूची में आर बी उदयकुमार, डी जयकुमार, सी वे शनमुगम और सेल्लूर के राजू जैसे प्रमुख नेताओं को बरकरार रखा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "मैंने मां के दरबार में आशीर्वाद प्राप्त किया है...हमने एक सोनार बंगाल, पश्चिम बंगाल को विकसित बंगाल बनाने का आशीर्वाद मां से मांगा है..."
पुडुचेरी में चुनावी सरगर्मी तेज है। इस बीच मुख्यमंत्री रंगास्वामी के पिता लक्ष्य डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जोस चार्ल्स मार्टिन पैठिया स्वामीगल मंदिर में आयोजित विशेष पूजा में शामिल हुए। इस पूजा का आयोजन खुद मुख्यमंत्री रंगास्वामी ने किया है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सियासी रणभेरी बज चुकी है। लेकिन जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, नेताओं की जुबान भी तीखी होती जा रही है। ताजा मामला भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता दिलीप घोष से जुड़ा है। खड़गपुर में एक रैली के दौरान पुलिस कर्मियों को कथित तौर पर 'देख लेने' की धमकी देने के मामले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आई एक ग्लिच ने भारी बवाल खड़ा कर दिया। इस तकनीकी खामी के कारण पश्चिम बंगाल में सभी मतदाताओं का स्टेटस 'अंडर एडजुडिकेशन' दिखाई देने लगा। मंगलवार रात को इस गड़बड़ी के कारण वे मतदाता भी संदिग्ध श्रेणी में दिखने लगे जिनके नाम फाइनल वोटर लिस्ट में पहले से मौजूद थे।
इस घटना के बाद टीएमसी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। टीएमसी ने कहा कि राज्य के मतदाताओं को डराया जा रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक 'डिस्प्ले एरर' था। आयोग के मुताबिक, सर्वर और बैकएंड इंटीग्रेशन में खामी की वजह से ऐसे हुआ था, जिसे दो घंटे के भीतर ठीक कर लिया गया।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने कहा, "हमने जो फॉर्म 7 जमा किया था, वह अपलोड नहीं हुआ। हमारे फॉर्म 7 का क्या होगा, जिसे पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से छीन लिया? पश्चिम बंगाल के लोगों को बेदाग वोटर लिस्ट देना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते। हमारा स्टैंड साफ है कि हमारे जमा किए गए सभी फॉर्म 7 पर सुनवाई के बाद ही चुनाव होने चाहिए।"
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपनी बिसात बिछा दी है। सीटों का बंटवारा पूरा कर लिया गया है। 23 अप्रैल 2026 को होने वाले मतदान के लिए भाजपा को 27 सीटें दी गई हैं, जबकि पीएमके को 18 और टीटीवी दिनाकरण की एएमएमके को 11 सीटें दी गई हैं।गठबंधन के अन्य साथियों में जीके वासन की तमिल मनीला कांग्रेस को 5, आईजेके को 2, जबकि टीएमएमके और पुरची भारतम को 1-1 सीट मिली है। पलानीस्वामी ने दावा किया है कि इस बार जनता डीएमके शासन को उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। न्यू टाउन, कोलकाता में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने राज्य सरकार पर कई सवाल उठाए। इस दौरान उनके साथ असदुद्दीन ओवैसी भी मौजूद रहे।
कबीर ने कहा कि राज्य में एसआईआर (SIR) के काम में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सतर्कता और ठोस फैसलों की जरूरत थी, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए।
उन्होंने चुनावी मुकाबले की तुलना फुटबॉल खेल से करते हुए कहा कि जैसे गोल करने पर अंक मिलते हैं, उसी तरह जनता का समर्थन मिलने पर ही जीत संभव है। उन्होंने साफ किया कि जनता का भरोसा ही उनकी जीत की कुंजी होगा।
चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका पर कबीर ने भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार हालात नियंत्रण में रहेंगे। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा नहीं होने दी जाएगी और अगर कोई गड़बड़ी होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।