अप्रैल-मई में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं। निर्वाचन आयोग तैयारियों की समीक्षा के बाद मतदान और नतीजों के साथ-साथ चुनाव से जुड़ी तमाम तारीखों का एलान कर चुका है। राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों के नाम का एलान करना भी शुरू कर दिया है। कहीं चुनावी घोषणा पत्र के वादों से जनता को लुभाने के प्रयास किए जा रहे हैं, तो किसी राज्य में क्षेत्रीय अस्मिता को मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कई राजनीतिक दलों के बड़े चेहरे जनसभाओं के माध्यम से जनाधार बढ़ाने की कवायद भी कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में कैसा राजनीतिक माहौल है? आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब किस राज्य में कौन सी सियासी गतिविधि सुर्खियां बटोर रही है? राजनीतिक दलों के बीच कैसे सियासी गठजोड़ पर मंथन हो रहा है? विधानसभा सीटों पर उतारे जा रहे प्रत्याशियों में कौन कद्दावर उम्मीदवार है, किसे पहली बार किस्मत आजमाने का मौका मिल रहा है? राजनीतिक धुरंधरों में किसके पास विरासत की ताकत है? कौन पहली बार राजनीतिक अखाड़े में दांव-पेंच आजमाने आ रहा है? सियासी चौसर पर कितने नए राजनीतिक दल या निर्दलीय प्रत्याशी पहली बार अपना भाग्य आजमाएंगे?
ऐसे तमाम सवालों से जुड़े अपडेट्स अमर उजाला की इस रिपोर्ट में एक ही जगह पर पढ़ें...
डीएमके ने 13 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, जानिए किसे कहां से मिला टिकट
पुदुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत में गर्माहट बढ़ गई है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी और भी तेज कर दी है। इसी क्रम में अब इस चुनाव से पहले द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमकी) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी इस बार सभी 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने बताया कि सूची में उन सभी प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं जिन्हें पार्टी ने विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतारा है।
किसे कहां से मिली टिकट?
पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची में विल्लियनूर से इरा. शिवा, लॉस्पेट से एस. शिवशंकर, ओल्गारे से पी. प्रियंका, पाहूर से आर. आर. सेन्थिलकुमार, कारैक्काल से ए. सिबी, मुत्तियालपेट से वी. विजयशंकर को उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही पार्टी ने उरुवैयारपेट से एस. गोपाल, ओरलेनपेट से वेदाचलम, नेल्लिथोप्पे से विक्टोरिया गणेशन, कालापेट से एस. नेदुंचेजियन, कुरुम्बापेट से प. देवम, कारैक्काल दक्षिण से एम. करुप्पुसामी और निरवी-टी.आर. पट्टिनम से एम. नागलिंगम को उम्मीदवार घोषित किया है।
पुदुचेरी में कांग्रेस-डीएमके के बीच सीटों का समझौता समझिए
पुदुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और डीएमके के बीच सीटों का फॉर्मूला तय हो गया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि नए फॉर्मूले के अनुसार, कुल 30 सीटों में कांग्रेस 16, डीएमके 12, सीपीआई 1 और वीसीके 1 सीट पर चुनाव लड़ेगी। समझौता कई दिनों की बातचीत के बाद हुआ। दरअसल, डीएमके 2021 के पुराने फॉर्मूले को मानने को तैयार नहीं थी। उस समय कांग्रेस ने 21 और डीएमके ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ा था। डीएमके चाहती थी कि कांग्रेस और वह दोनों 14-14 सीटों पर चुनाव लड़ें और 2 सीटें सहयोगियों के लिए छोड़ दी जाएं।
कांग्रेस ने इसे स्वीकार नहीं किया, क्योंकि उसने कहा कि वह पुदुचेरी में मुख्य पार्टी है और उसे ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। आखिरकार, दोनों पक्षों ने समझौता किया और डीएमके 12 सीटों पर राजी हो गई, जबकि कांग्रेस ने 16 सीटें तय कर लीं। हालांकि, समझौता देर से होने के कारण कई सहयोगी पार्टियों ने पहले ही अधिकांश सीटों पर अपने नामांकन दाखिल कर दिए। अब चुनावी दौड़ पूरी तरह तेज हो गई है।
केरल विधानसभा चुनाव: पेरावूर सीट पर कड़ा सियासी मुकाबला, समझिए कैसे?
केरल के कन्नूर जिले की पेरावूर विधानसभा सीट पर सियासी जंग तेज हो गई है। यह क्षेत्र ज्यादातर खेती पर निर्भर लोगों का इलाका है और अपेक्षाकृत शांत माना जाता है, लेकिन पहाड़ी इलाके और यहां समय-समय पर जानवरों और इंसानों के संघर्ष की घटनाओं के कारण इसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस सीट पर CPI(M) ने केरल की चर्चित नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा को उम्मीदवार बनाया है। शैलजा की पहचान पार्टी की मजबूत और लोकप्रिय नेता के रूप में है। उनका मकसद पेरावूर में वोटरों से सीधे जुड़कर यूडीएफ से यह सीट जीतना है।
हालांकि कुछ राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के अंदर विरोधियों द्वारा शैलजा को किनारे करने की रणनीति भी मान रहे हैं। शैलजा ने इन अफवाहों को खारिज किया और कहा कि उन्हें पार्टी ने सिर्फ इस सीट को यूडीएफ से जीताने के लिए मैदान में उतारा है।
कांग्रेस के मजबूत क्षेत्रों में एक
खास बात यह है कि पेरावूर सीट कांग्रेस के मजबूत क्षेत्र के रूप में मानी जाती है और वर्तमान में इसे KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। सनी जोसेफ ने इसे लगातार तीन बार जीत लिया है। बता दें कि शैलजा को पहले पिनाराई विजयन की पहली सरकार में सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में गिना जाता है और वे पार्टी में जमीनी स्तर से जुड़ी नेता मानी जाती हैं। उनका अनुभव और लोकप्रियता CPI(M) के लिए इस चुनौतीपूर्ण इलाके में जीत की कुंजी बन सकती है।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव आयोग में दबाव का आरोप लगाया
कोलकाता एयरपोर्ट पर बयान देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केरल भाजपा इकाई के चुनाव आयोग पत्र पर लगी मुहर साफ दिखाती है कि चुनाव आयोग को पीछे से कौन चला रहा है।ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक या तकनीकी गलती नहीं है, बल्कि इसमें राजनीतिक साजिश है। उनका आरोप है कि भाजपा चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है और चुनाव आयोग को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
बंगाल चुनाव से पहले सीएम ममता ने 23 पदों से दिया इस्तीफा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विभिन्न विभागों और संस्थाओं में 23 पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य मिशन प्रमुख, राज्य वन्यजीव बोर्ड की अध्यक्ष, इको-टूरिज्म सलाहकार बोर्ड, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती समिति सहित कई अहम पद छोड़े हैं। इसके अलावा ममता ने बंगला संगीत मेला आयोजन समिति, एससी-एसटी सलाहकार परिषद, राज्य औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन बोर्ड और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से भी इस्तीफा दिया। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने सभी विभागों को पत्र भेजकर जरूरी निर्देश दिए हैं। गृह विभाग ने कहा कि सीएम ममता ने तत्काल प्रभाव से इन पदों को छोड़ा है और जिन पदों का जिक्र सूची में नहीं है, उनसे भी इस्तीफा स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। ममता दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी से है।
तमिलनाडु चुनाव: डीएमके ने सहयोगी डीएमडीके को दीं 10 सीटें
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ डीएमके ने सीट बंटवारे को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन और डीएमडीके की महासचिव प्रेमलता विजयकांत के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत डीएमडीके को 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए 10 सीटें दी गईं। यह समझौता डीएमके मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ में हुआ। इससे पहले डीएमके अपने सहयोगी कांग्रेस को 28 सीटें दे चुकी है। 2005 में दिवंगत ‘कैप्टन’ विजयकांत द्वारा स्थापित डीएमडीके को गठबंधन में कांग्रेस के बाद सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं।
दो साल में तीन करोड़ बढ़ी गोगोई की संपत्ति
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ क्लेयर गोगोई की घोषित संपत्ति 4.66 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 7.57 करोड़ रुपये हो गई है। नामांकन हलफनामे के अनुसार, कुल संपत्ति में बड़ा हिस्सा उनकी पत्नी के नाम है। जोरहाट से सांसद गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
पत्नी की चल संपत्ति दोगुना हुई
गोगोई की चल संपत्ति 38.30 लाख से बढ़कर 72.59 लाख हो गई, जबकि अचल संपत्ति 2.25 करोड़ से बढ़कर 2.49 करोड़ तक पहुंची। उनकी पत्नी के पास कोई अचल संपत्ति नहीं है। हालांकि चल संपत्ति 2.03 करोड़ से बढ़कर 4.36 करोड़ हो गई। उनके पास 54,700 रुपये नकद और 30.14 लाख बैंक खातों में हैं। पत्नी के पास 27,180 रुपये नकद और 1.50 करोड़ रुपये बैंक खातों में हैं, जिनमें ब्रिटेन में जमा राशि भी शामिल है।
परिवार के पास तीन कार
गोगोई के पास 17 लाख से अधिक कीमत की दो, जबकि पत्नी के पास एक कार है। पत्नी के पास 57.25 लाख का ईपीएफ और 13.24 लाख रुपये की यूके पेंशन भी है। आय के स्रोत के रूप में गोगोई ने सांसद वेतन को दर्शाया है, जबकि उनकी पत्नी ऑक्सफोर्ड पॉलिसी मैनेजमेंट इंडिया लि. में सीनियर कंसल्टेंट हैं।
केरल : सीएम विजयन के खिलाफ भाजपा से के. रंजीत मैदान में
केरल विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन का चरण समाप्त होते ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की 140 सीटों के लिए 1202 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। कोझिकोड में 13 सीटों पर 141 उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की है। हाई प्रोफाइल मुकाबलों में धर्मडम सीट से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ भाजपा के के. रंजीत ने पर्चा भरा। विपक्ष के नेता और कांग्रेस प्रत्याशी वीडी सतीशन ने परावुर सीट से अपनी छठी जीत का दावा ठोकते हुए नामांकन किया। राज्य में 26 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। राज्य में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा और 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।