पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आज आएंगे। वोटों की गिनती अभी चल रही है। वैसे तो रुझानों में कांग्रेस भाजपा से आगे दिख रही है। वहीं अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात करें, तो उनका जलवा अभी कम नहीं हुआ है। चुनावों के रुझाने से पता चलता है कि योगी ने जिन राज्यों में रैलियां की वहां भाजपा के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं।
योगी ने 4 राज्यों की 74 सीटों पर प्रचार किया था। इन 74 सीटों में से 49 पर भाजपा आगे चल रही है।उनके प्रचार का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है।
तेलंगाना में ओवैसी पर बोला था हमला
योगी आदित्यनाथ ने तेलंगाना में चुनावी रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी पर जमकर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि यदि तेलंगाना में भाजपा सत्ता में आई तो ओवैसी को हैदराबाद से उसी तरह से भागना पड़ेगा जैसे निजाम भागा था। भाजपा सरकार सभी को सुरक्षा मुहैया कराएगी लेकिन अराजकता फैलाने वालों को छोड़ेगी नहीं। विकाराबाद जिले के तंदूर कस्बे में लोगों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और टीआरएस पर मुस्लिमों के तुष्टिकरण और धर्म के आधार पर योजनाएं बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा नीतियां बनाने में धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं करती है। उनके इस बयान पर बाद में ओवैसी ने भी पलटवार किया था।
यहां भी दिखा था योगी का जलवा
इससे पहले भी योगी आदित्यनाथ के प्रचार करने से भाजपा को फायदा मिला है। त्रिपुरा में भी उनके प्रचार से पार्टी फायदे में रही। वहीं अगर कर्नाटक विधानसभा चुनावों की बात करेें तो यहां भी जिन क्षेत्रों में योगी की रैली या फिर रोड शो कराए गए, वहां भाजपा के ज्यादातर प्रत्याशियों को जीत मिली। नाथपंथ से संबंधित वोटरों को रिझाने में भी योगी कामयाब रहे हैं। नाथपंथ बहुल वाली ज्यादातर विधानसभा सीटें भाजपा ने जीती थीं।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने परिवर्तन रैली निकाली थी। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया था। वह हुबली से परिवर्तन यात्रा में शामिल हुए थे। चुनाव की तारीखें घोषित हुईं तो योगी को स्टार प्रचारकों की सूची में रखा गया। योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में ताबड़तोड़ 33 रैलियां की थीं और रोड शो करके वोटरों को रिझाया था।
जिन क्षेत्रों में वे गए, वहां भीड़ जुटी। अब नतीजे घोषित हुए तो योगी के प्रचार वाले क्षेत्रों के ज्यादातर भाजपा प्रत्याशियों को जीत मिली है। जिन क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी हारे हैं, वहां कांग्रेस या फिर जेडीएस प्रत्याशियों की जीत का अंतर कम है। इसी तरह त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भी योगी का जादू चला था।