सार
पांच राज्यों में हो रहे चुनाव के दौरान कई अनोखे और दूरस्थ पोलिंग स्टेशन चर्चा में हैं। यहां तक पहुंचने के लिए अधिकारी नाव, ट्रैक्टर और पैदल यात्रा का सहारा लेता है। वहीं तमिलनाडु में महज पांच वोटरों के लिए बना पोलिंग बूथ भी चर्चा के केंद्र में हैं। आइए हम आपको ऐसे ही कुछ अनोखे पोलिंग बूथों के बारे में बतातें हैं...
पांच राज्यों के अनोखे मतदान केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
भारत जैसे विशाल देश में लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक महाकुंभ है। इस उत्सव में एक-एक वोट की बहुत बड़ी कीमत है। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी मतदाता पीछे न छूटे। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए चुनाव अधिकारी दुर्गम रास्तों, उफनती नदियों और ऊंचे पहाड़ों की चुनौतियों को पार कर हर मतदाता तक पहुंचते हैं। चुनाव आयोग ने रविवार को अपने अधिकारियों के इसी परिश्रम का जिक्र करते हुए उन पोलिंग बूथ की जानकारी दी जहां वोटरो की संख्या या तो सैकड़ों में है या वहां जाने का रास्ता बेहद कठीन है। आइए हम आपको देश के कुछ ऐसे ही अनोखे और कठिन पोलिंग बूथों के बारे में विस्तार से बताते हैं।
असम: मतदान दल माजुली से नाव (फेरी) और सड़क मार्ग के जरिए 50-60 किलोमीटर की कठिन यात्रा करते हैं, ब्रह्मपुत्र नदी पार करते हैं, और अंततः ट्रैक्टर के सहारे 248 मतदाताओं वाले दूरस्थ धानेखाना मतदान केंद्र तक पहुंचते हैं।
केरल: इदुक्की जिले के एक आदिवासी क्षेत्र में स्थित बूथ नंबर 34 इडामलाकुडी, जिसमें कुल 693 मतदाता हैं, एक अनोखा दूरस्थ मतदान केंद्र है। यहां मतदान अधिकारी एक विशेष वाहन के माध्यम से ऊबड़-खाबड़ रास्तों (ऑफ-रोड) पर 30 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद 8 किलोमीटर की पैदल यात्रा (ट्रेकिंग) करके पहुंचते हैं।
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पश्चिम बंगाल: अलीपुरद्वार जिले में, मतदान दल बक्सा टाइगर रिजर्व की पहाड़ियों से होते हुए पैदल यात्रा (ट्रेक) करके बक्सा (759 मतदाता), चूनाभट्टी (235 मतदाता) और अदमा (445 मतदाता) के मतदान केंद्रों तक पहुंचते हैं।
तमिलनाडु: थेनी जिले की वरुसनाडु पहाड़ियों में, मतदान अधिकारी कठिन रास्तों से होकर तीन घंटे की यात्रा करके वेल्लीमलई मतदान केंद्र तक पहुंचते हैं, जो केवल पांच मतदाताओं के लिए बनाया गया है।
पुदुचेरी: 1885 में निर्मित, पुडुचेरी का वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई स्कूल, जो कभी फ्रांसीसी प्रणाली के तहत 'इकोल प्राइमायर डी गारकॉन्स' हुआ करता था, को 'मॉडल पोलिंग स्टेशन' के रूप में नामित किया गया था। यह स्कूल क्रमशः 722 और 651 मतदाताओं वाले दो मतदान केंद्रों की मेजबानी करता है।
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