पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में महिलाओं की क्या भूमिका होगी? आधी आबादी के वो कौन से मुद्दे होंगे जो चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती हैं। सियासी संग्राम में महिलाओं के मुद्दों पर भी नजर होगी। लोकतंत्र के इस उत्सव में आधी आबादी बढ़चढ़ हिस्सा लेती है।
विधानसभा चुनाव के लिए मतदातन की तारीखों का एलान हो गया है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं। सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरण में चुनाव होंगे बाकी अन्य राज्यों में एक चरण में चुनाव कार्य पूरा हो जाएगा। 11 दिसंबर को सभी राज्यों में मतगणना होगी और नतीजे आ जाएंगे।
चुनावी राज्यों में से तीन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारें हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तो पिछले 15 सालों से भाजपा सत्तासीन है। वहीं राजस्थान में पिछले पांच सालों से भाजपा का शासन है। तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) और मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है।
विधानसभा चुनावों में राज्यों में किसको मिलेगा सत्ता का सिंहासन? भाजपा, कांग्रेस या फिर त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में कोई तीसरा दल को मिल सकती है सत्ता की चाबी। फिलहाल यह कहना आसान नहीं होगा। ऐसे में इन राज्यों में चुनावी मुद्दे क्या होंगे?
राजस्थान में महिला मतदाता
राजस्थान में महिलाओं ने पिछले विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड कायम किया था। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में ज्यादा मतदान किया था। मताधिकार के इस्तेमाल के मामले में आधी आबादी पुरुषों से आगे रही।
आंकड़े बताते हैं कि पिछले 30 सालों के दौरान महिलाओं के घर से निकलकर मतदान केंद्र में पहुंचने की दर में 50 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। साल 2008 की तुलना में साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में महिलाओं के मतदान में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
बीते विधानसभा चुनावों में मतदान के रिकॉर्ड और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए ऐसा अनुमान है कि महिलाएं मतदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगी।
मध्यप्रदेश में महिला मतदाता
कुल मतदाता - 5 करोड़ 3 लाख 94 हजार 86
महिला मतदाता - 2 करोड़ 40 लाख 77 हजार 7 सौ 19
पुरुष मतदाता - 2 करोड़ 63 लाख 14 हजार 9 सौ 57
युवा मतदाता - 1 करोड़ 37 लाख 83 हजार
चुनाव आयोग के मुताबिक पुरुष मतदाताओं की संख्या में तीन लाख छह हजार 31 की वृद्धि हुई है। वहीं महिलाओं मतदाताओं की संख्या भी पांच लाख 88 हजार 34 बढ़ी है। जबकि थर्ड जेंडर मतदाता भी 124 बढ़े हैं।