फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bengal Election: भाजपा में टिकट बंटवारे पर रार, दिलीप घोष की पत्नी बोलीं- परिवारवाद सब के लिए क्यों नहीं लागू

Mon, 23 Mar 2026 10:41 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

भाजपा नेता दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार ने टिकट न मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद का नियम सभी पर समान रूप से लागू नहीं किया गया। उन्होंने अधिकारी और सिंह परिवार के उदाहरण दिए। पार्टी नेतृत्व से मुलाकात के बाद भी उनकी नाराजगी बरकरार है।
विज्ञापन
भाजपा नेता दिलीप घोष और उनकी पत्नी - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में टिकट वितरण को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष की पत्नी रिंकू मजूमदार ने टिकट न मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी ने परिवार के एक ही सदस्य को टिकट देने की बात कही थी, तो यह नियम सभी पर समान रूप से क्यों लागू नहीं किया गया।
विज्ञापन


रिंकू मजूमदार ने राजारहाट-न्यू टाउन सीट से टिकट मांगा था और अपना बायोडाटा भी पार्टी नेतृत्व को सौंपा था। लेकिन भाजपा की दूसरी सूची में इस सीट से किसी और उम्मीदवार को उतार दिया गया। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जताई और पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल खड़े किए।

क्या है टिकट विवाद और नाराजगी की वजह?
रिंकू मजूमदार ने कहा कि उन्हें टिकट नहीं देना गलत फैसला है। उन्होंने दावा किया कि वह दिलीप घोष से पहले से भाजपा संगठन से जुड़ी हुई हैं। उनका कहना है कि पार्टी ने परिवारवाद के खिलाफ तर्क दिया, लेकिन यह नियम हर जगह लागू नहीं हुआ।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Air India: बंगलूरू से लंदन जा रही एअर इंडिया की उड़ान में तकनीकी खराबी; जेद्दा में विमान की सुरक्षित लैंडिंग

किन उदाहरणों से उठाए सवाल?
उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि अधिकारी परिवार और सिंह परिवार के कई सदस्यों को टिकट दिया गया है। संकेत साफ था कि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई को टिकट मिला है। वहीं अर्जुन सिंह और उनके बेटे पवन सिंह को भी उम्मीदवार बनाया गया है।

पार्टी नेतृत्व ने क्या जवाब दिया?
रिंकू मजूमदार ने बताया कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल से मुलाकात कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नेतृत्व ने उन्हें दिलीप घोष की जीत सुनिश्चित करने पर ध्यान देने को कहा। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि पार्टी कार्यकर्ता ही जीत दिलाने के लिए काफी हैं।



क्या उम्मीदवार चयन पर भी उठाए सवाल?
रिंकू मजूमदार ने राजारहाट-न्यू टाउन से चुने गए उम्मीदवार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस उम्मीदवार पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इससे पार्टी के अंदरूनी हालात पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन


आगे चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे समय में टिकट को लेकर नाराजगी भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है। हालांकि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अंदरूनी असंतोष चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है।

अन्य वीडियो-

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें