राज्यसभा में माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने बुधवार को अभिनेता मोहनलाल की फिल्म 'एल2: एम्पुरान' का मुद्दा उठाया। उन्होंने सिनेमाघरों में रिलीज के बाद कथित तौर पर मिल रही धमकियों और इस वजह से फिल्म में हुए अहम बदलावों का जिक्र किया।
देश में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की एक मूवी 'एल2: एम्पुरान' को लेकर काफी विवाद मचा हुआ है। दरअसल, दर्शकों का एक तबका इसके कुछ दृश्यों पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है। कई राजनीतिक दल भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। इस बीच माकपा सांसद ने राज्यसभा में इस फिल्म के मुद्दों को उठाया।
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दरअसल, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने बुधवार को अभिनेता मोहनलाल की फिल्म 'एल2: एम्पुरान' में सिनेमाघरों में रिलीज के बाद कथित तौर पर मिल रही धमकियों और इस वजह से हुए अहम बदलावों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा, 'इस देश में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हो रही हैं। भारतीय संविधान में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है।' उन्होंने कहा, 'मैं बस इतना कहूंगा कि एक फिल्म जिसे सेंसर किया गया था। थिएटर में रिलीज किया गया था। उसे फिर से सेंसर बोर्ड में वापस जाने के लिए कहा गया और धमकियों की वजह से 24 कट लगाए गए।'
'देश तेजी से घायल लोगों का स्वर्ग बनता जा रहा'
ब्रिटास ने कहा कि फिल्म के नायक को भी राष्ट्र-विरोधी बताया गया। सांसद ने कहा, 'अगर इस देश में ऐसी स्थिति है, तो मुझे डर है कि लोगों को दी जाने वाली अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी।' ब्रिटास ने इस बात पर जोर दिया कि अभिव्यक्ति और बोलने की स्वतंत्रता पवित्र है। उन्होंने कहा, 'हमारा देश तेजी से घायल लोगों का स्वर्ग बनता जा रहा है। हर कोई घायल हो रहा है।'
फिल्म ईसाई धर्म के खिलाफ: अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री
अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि यह फिल्म ईसाई धर्म के खिलाफ है और आरोप लगाया कि कम्युनिस्ट भारत में हर धर्म का अपमान करना चाहते हैं।