असम के करीमगंज में नाबालिग लड़की की हत्या करने और शव के साथ यौन कृत्य करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए रेलवे कर्मचारी सहित तीनों आरोपियों को कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि तीनों आरोपियों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने अभी पॉस्को की धाराएं लगाई हैं, जबिक उन पर पुलिस सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं भी लगाएगी।
करीमगंज पुलिस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पार्थ प्रतिम दास ने अमर उजाला को बताया कि करीमगंज के मेडल पार्ट-1 इलाके में नाबालिग का शव उसी दिन मिला था, जिस दिन उसकी हत्या की गई थी। 9 सितंबर को तीन लोग जबरदस्ती पीड़िता के घर में घुस आए और उसकी हत्या करने के बाद में वे शव के साथ यौन संपर्क में भी शामिल हुए।
आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376(ए), पॉक्सो एक्ट की आर/डब्ल्यू धारा 6 के तहत मामला (संख्या- 694/23) दर्ज किया गया है। सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसएमसीएच) में शव का पोस्टमार्टम भी किया गया। दास ने कहा कि जांच के दौरान उन्हें मृत लड़की की नोटबुक में एक मोबाइल नंबर मिला और तदनुसार उन्होंने तकनीकी विश्लेषण के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी बिप्लब पॉल, शुभ्रा मालाकार और राहुल दास हैं। पुलिस ने पुष्टि की कि रेलवे कर्मचारी राहुल दास इस जघन्य अपराध के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड था। इसके अलावा राहुल दास ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसने पीड़ित लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की थी, जो सफल नहीं हो सका, क्योंकि लड़की ने इससे इनकार कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक 9 सितंबर को रात करीब 11 बजे आरोपी व्यक्ति यह जानने के बाद कि लड़की अकेली थी, जबरदस्ती उसके घर में घुस गए। उसका गला घोंटने के बाद उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की और फिर वहां से चले गए।