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Manipur Violence: मणिपुर नागरिक समाज समूह पर देशद्रोह का मुकदमा, असम राइफल्स ने क्यों उठाया ऐसा कदम; जानें

Sun, 23 Jul 2023 01:15 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

सीओसीओएमआई ने चार जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजे एक ज्ञापन में मांग की थी कि मणिपुर में असम राइफल्स को हटाकर किसी अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को तैनात किया जाए। उन्होंने कहा था कि स्थानीय युवा हथियार डालना नहीं चाहते हैं। 

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मणिपुर हिंसा - फोटो : social media
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विस्तार
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असम राइफल्स ने मणिपुर की राजधानी इंफाल के एक प्रभावशाली नागरिक समाज समूह मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (COCOMI) के प्रमुख के खिलाफ देशद्रोह और मानहानि का मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ रक्षा सूत्र ने बताया कि समिति ने लोगों से हथियार न डालने का आह्वान किया था, जिसके बाद उसके खिलाफ 10 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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इसकी पुष्टि करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि चुराचांदपुर थाने में COCOMI समन्वयक जितेंद्र निंगोम्बा के खिलाफ राजद्रोह से संबंधित धारा 124ए और धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच द्वेष को बढ़ावा देने से जुड़ी धारा 153ए के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

सेना पर लगा मारपीट का आरोप

सूत्रों ने आरोप लगाया कि 30 जून को बिष्णुपुर के मोइरांग में सेना ने कई महिला प्रदर्शनकारियों से मारपीट की। बहरहाल, सेना ने यह आरोप खारिज किया है। 

युवा हथियार नहीं डालना चाहते: समूह 

सीओसीओएमआई ने चार जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजे एक ज्ञापन में मांग की थी कि मणिपुर में असम राइफल्स को हटाकर किसी अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को तैनात किया जाए। उन्होंने कहा था कि स्थानीय युवा हथियार डालना नहीं चाहते हैं। 

सिर्फ 16 सौ हथियार वापस मिले 

बता दें, राज्य में तीन मई को भड़की जातीय हिंसा के बाद पुलिस शस्त्रागार से 4,000 से अधिक हथियार और बड़े पैमाने पर गोला-बारूद की लूट होने की खबरें हैं। गृह मंत्री अमित शाह की अपील के बावजूद तकरीबन 1,600 हथियार ही वापस मिले हैं।

राज्य में हुई सुरक्षा कड़ी

इस बीच, मणिपुर पुलिस और केंद्रीय बलों ने 19 जुलाई को सामने आए एक वीडियो के मद्देनजर मणिपुर में कोई दंगा-फसाद होने से रोकने के लिए पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है। दरअसल, वीडियो में कुछ लोग दो आदिवासी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाते और उनका यौन उत्पीड़न करते दिखाई दे रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर पुलिस ने चार मई की इस घटना के संबंध में अभी तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश में जुटे हुए हैं। 

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