प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को असम में तीसरे चरण के लिए चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस व एआईयूडीएफ (AIUDF) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस के नेता बार-बार कहते हैं कि ये ताला-चाबी वाले असम की पहचान हैं। कांग्रेस के झूठ, उसकी साजिश को समझिए। सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस इन लोगों के सामने समर्पण कर चुकी है। इस अपमान की सजा कांग्रेस को तो मिलेगी ही, इस पूरे महाझूठ को मिलेगी। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की बड़ी बातें...
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि असम के विकास के लिए असम के लोगों का विश्वास एनडीए पर है। असम में शांति और सुरक्षा के लिए असम के लोगों का विश्वास एनडीए पर है।
- कांग्रेस ने टी गार्डन में काम करने वाले साथियों को कभी पूछा तक नहीं। ये एनडीए की ही सरकार है, जिसने टी गार्डन्स में काम करने वाले मजदूर भाई-बहनों की हर चिंता के समाधान का प्रयास किया।
- असम के निरंतर विकास के लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी है। केंद्र में भी एनडीए सरकार, राज्य में भी एनडीए सरकार। जब दोनों की ताकत लगती है, तो और तेजी से काम होते हैं।
- कोकराझार के युवा, बहनें और यहां का हर नागरिक हिंसा का वो दौर भूला नहीं है। उस दौर में दिल्ली से लेकर गोवाहाटी तक कांग्रेस की सरकारें चुपचाप तमाशा देखती रहीं। आज हिम्मत देखिए, कांग्रेस एक महाझूठ बनाकर, एक बार फिर कोकराझार सहित पूरे बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन को छलने निकली है।
- जिस दल के नेताओं ने कोकराझार को हिंसा की आग में झोंका था, आज कांग्रेस ने अपना हाथ और अपना भाग्य उन लोगों को थमा दिया है। कांग्रेस के कुशासन ने कैसे कोकराझार को सालों साल झुलसने दिया, ये आप और हम कभी भी भूल नहीं सकते हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे संतोष है कि 2016 में बीटीआर में शांति और विकास का जो वादा हमने किया था, उसे लेकर हमने बहुत ईमानदार प्रयास किया है। कांग्रेस के लंबे शासन ने असम को बम, बंदूक और ब्लॉकेड में झोंक दिया था। एनडीए ने असम को शांति और सम्मान की सौगात दी है।
- हमारी कोशिश है कि हर जनजाति को उसकी परंपरा, उसकी भाषा, उसके रोजगार के लिए सुरक्षा भी मिले, सम्मान भी मिले, इस दिशा में निरंतर काम जारी है।