President Draupadi Murmu Assam Visit
- फोटो : Amar Ujala
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि युवा वकील ऐसी तकनीक खोजें जो गरीबों को न्याय दिलाने में मददगार हो। ऐसी व्यवस्था बनाने कि जरूरत है कि देश में सभी को मुफ्त में न्याय मिल सके। उन्होंने कहा, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने प्रथागत कानूनों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे सामाजिक और आर्थिक न्याय प्राप्त करने में मदद मिली है।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय के प्लेटिनम जयंती समारोह में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिष्ठित दिग्गजों के साथ अदालत की उपलब्धियों और इसकी विशिष्ट पहचान की प्रशंसा की। उन्होंने जातीय विविधता, पहाड़ी क्षेत्रों के लिए स्वदेशी लोगों और विवादों के लिए प्रथागत प्रथाओं के महत्व पर बल देते हुए कहा कि वे न केवल समीचीन हैं बल्कि स्वदेशी लोगों की भावनाओं को बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। स्थापना के बाद, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में पूर्वोत्तर क्षेत्र के 7 राज्य शामिल थे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने पारिस्थितिक न्याय के प्रति संवेदनशीलता और न्याय के लिए समावेशी और सभी के लिए सुलभ होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा, न्याय प्राप्त करने में कई समस्याएं और बाधाएं मौजूद हैं, जिनमें से एक प्राथमिक कारण खर्च की गई लागत है। एक स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रणाली के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। राष्ट्रपति ने युवा वकीलों से तकनीकी समाधान खोजने का भी आग्रह किया जो गरीब लोगों को न्याय दिलाने में मदद करे। इस मौके पर राष्ट्रपति ने सभी को रोंगाली बिहू की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रवार दोपहर 'माउंट कंचनजंगा अभियान-2023' को हरी झंडी भी दिखाई।
राष्ट्रपति ने भारत सरकार द्वारा प्रायोजित प्रोजेक्ट एलिफेंट के तीस वर्ष पूरे होने पर गजोत्सव-2023 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, अगर गहराई से विचार किया जाए तो, यह स्पष्ट होता है कि जो कार्य प्रकृति और पशु-पक्षियों के लिए हितकारी है, वह मानवता के भी हित में है। हाथियों का संरक्षण से सभी देशवासियों को लाभ होगा। साथ ही क्लाइमेट की चुनौतियों का सामना करने में भी सहायक सिद्ध होंगे। ऐसे प्रयासों में सरकार के साथ-साथ समाज की भी भागीदारी है। प्रकृति और मानवता के बीच एक बहुत पवित्र रिश्ता है। यह रिश्ता ग्रामीणों और आदिवासी समाज में आज भी दिखाई देती है। हाथियों की सुक्षा करना, उनके प्राकृतिक आवास को बनाए रखना और एलिफेंट कॉरिडोर को बाधा रहित रखना इस प्रोजेक्ट के मुख्य उद्देश्य हैं। साथ ही मानव और हाथी के बीच संघर्ष से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य भी है और चुनौती भी है। ये सभी उद्देश्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने हाथियों के संरक्षण के लिए बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति शनिवार को तेजपुर का दौरा करेंगी और अपनी यात्रा समाप्त करने से पहले सुखोई-30 विमान में उड़ान भरेंगी।