सीएम सरमा ने कहा, 'इस मुद्दे के व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा विशेष रूप से असम के निहितार्थों को देखते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने पुलिस महानिदेशक को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य प्रासंगिक कानूनों के उचित प्रावधानों के तहत शेख के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।'
असम में पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इससे पहले बीते दिन पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में निर्देश दिया गया था। हालांकि, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी के आईएसआई से कथित संबंधों को लेकर मचे हो-हल्ले के बीच असम मंत्रिमंडल ने रविवार को सांसद और उनकी ब्रिटिश पत्नी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने का फैसला किया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, 'कल लिए गए कैबिनेट के फैसले के तहत असम पुलिस ने अली तौकीर शेख और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।'
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इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल बैठक के बाद कहा था कि राज्य सरकार गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद तत्कालीन कालियाबोर निर्वाचन क्षेत्र में लोकसभा चुनाव प्रचार में भाग लेने की जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखेगी। गौरव गोगोई कालियाबोर निर्वाचन क्षेत्र से दो बार जीत हासिल की थी।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कैबिनेट के एक प्रस्ताव को विस्तार से पढ़ा था। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख की ओर से असम में सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने के उद्देश्य से की गई कुछ टिप्पणियों के बारे में कई समाचार खबरों, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य जानकारी सार्वजनिक रूप में सामने आई है। शेख की सोशल मीडिया गतिविधि में भारत के आंतरिक मामलों और संसदीय मामलों पर विस्तृत टिप्पणी शामिल है, जिससे उक्त व्यक्ति के भारत के हितों से समझौता करने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के इरादे पर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।'
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सीएम सरमा ने कहा, 'इस मुद्दे के व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा विशेष रूप से असम के निहितार्थों को देखते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने पुलिस महानिदेशक को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य प्रासंगिक कानूनों के उचित प्रावधानों के तहत शेख के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।'
प्रस्ताव में बताया गया कि मंत्रिमंडल यह पता लगाने के लिए एक व्यापक जांच करने का निर्देश देता है कि क्या ये गतिविधियां किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। मंत्रिमंडल को उम्मीद है कि भारत की सुरक्षा और संप्रभुता के हित में इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। असम ऐतिहासिक रूप से आईएसआई प्रायोजित गतिविधियों का केंद्र रहा है, जिसके लिए कड़ी सतर्कता और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है।