असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से आग्रह किया कि वह पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बारे में उनके पास मौजूद किसी भी जानकारी को तुरंत खुलासा करें, अगर यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हो। सैकिया ने यह भी मांग की कि भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह और राजनाथ सिंह को भारत विरोधी गतिविधियों में शेख की कथित संलिप्तता के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
राज्य पुलिस ने सोशल मीडिया पर असम और भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने को शेख की जांच के लिए सोमवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। शेख पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार हैं और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ के पूर्व सहयोगी रहे हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा ने गोगोपी पर हमला करते हुए कहा कि उनकी पत्नी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का आरोप है। गुरुवार को सरमा ने विधानसभा में बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि शेख अब तक 18 बार भारत का दौरा कर चुका है।
18 बार भारत का दौरा कर चुका शेख: सरमा
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा ने गोगोपी पर हमला करते हुए कहा कि उनकी पत्नी पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का आरोप है। गुरुवार को सरमा ने विधानसभा में बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि शेख अब तक 18 बार भारत का दौरा कर चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले की प्रारंभिक जानकारी कांग्रेस के लिए बहुत नुकसानदेह हो सकती है और असम की राजनीत पर गहरा असर डाल सकती है।
सैकिया ने किया मुख्यमंत्री पर पलटवार
सैकिया ने मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा, मुख्यमंत्री को विधानसभा में ऐसी बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अगर उनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी है, तो उन्हें तुरंत उसे सार्वजनिक करना चाहिए। सितंबर तक क्यों इंतजार करें, जब राज्य में बाढ़ आ सकती है? उन्होंने कहा, अगर वह जानकारी सार्वजनिक नहीं करना चाहते, तो वह इसे केंद्र सरकार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, राज्य की खुफिया एजेंसी या अन्य एजेंसियों के साथ साझा कर सकते हैं। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि शेख ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के दौरान कई बार भारत का दौरा किया। उन्होंने कहा, सभी पाकिस्तानी नागरिक आतंकवादी नहीं होते, लेकिन अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति कई बार भारत आया हो, जब भाजपा की सत्ता थी, तो उनके राजनाथ सिंह और अमित शाह जैसे नेताओं को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
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