केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज दो दिन के दौरे पर असम पहुंचे। 31 अगस्त को जारी हुए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की रिपोर्ट जारी होने के बाद शाह का असम का यह पहला दौरा है। साथ ही यह अमित शाह का गृहमंत्री बनने के बाद नार्थ ईस्ट का पहला दौरा है।
यहां असम के गुवाहाटी में आयोजित पूर्वोत्तर परिषद के 68 वें पूर्ण सत्र में अमित शाह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बब्रुवाहन हो या घटोत्कच हो, दोनों नॉर्थ ईस्ट के थे। अर्जुन की शादी भी यही मणिपुर में हुई थी। श्री कृष्ण के पोते का विवाह भी नॉर्थ ईस्ट मे हुआ था।
असम में एनआरसी में जिन लोगों के नाम नहीं आए हैं, उसे लेकर लोगों के बीच खासी बेचैनी का माहौल है। एनआरसी में तकरीबन 19 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। गृह मंत्री अमित शाह आठ सितंबर को गुवाहाटी में नॉर्थ ईस्ट काउंसिल (एनईसी) की बैठक में हिस्सा लेंगे। जहां इस दौरान वे आठ राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों से मुलाकात करेंगे।
गौरतलब है कि एनआरसी की सूची आने के बाद, असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य भाजपा प्रमुख रंजीत कुमार दास ने कहा था कि वे एनआरसी से नाखुश हैं क्योंकि कई वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम शामिल नहीं थे।
सरमा और दास दोनों ने कहा था कि वास्तविक भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा कुछ विधायी विकल्प लेने की संभावना है।
इससे पहले अमित शाह तीन और चार अगस्त को एनईसी की बैठक में भाग लेने वाले थे, लेकिन बैठक को स्थगित कर दिया गया था। गौरतलब है कि पांच अगस्त को सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का प्रावधान देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया जिसके व्यस्तता के कारण शाह का यह दौरा स्थगित किया गया था।