केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को कहा है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह बात असम के डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिलों में बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के बाद कही। उल्लेखनीय है कि असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, बाढ़ की दूसरी लहर के कारण मरने वालों की कुल संख्या 52 तक पहुंच गई है और 29 जिलों में लगभग 21.13 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, राज्य और केंद्र असम में बाढ़ की स्थिति का स्थायी समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं। असम में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन सक्रिय रूप से राहत सामग्री प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, आने वाले दिनों में, राज्य सरकार और केंद्र दोनों असम में बाढ़ के मुद्दों को हल करने के लिए समर्पित हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि डिब्रूगढ़ शहर पर विस्तृत अध्ययन की जरूरत है। असम के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, एक सक्षम संस्थान तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता और परिदृश्य मूल्यांकन करेगा और रिपोर्ट के आधार पर एक स्थायी समाधान खोजा जाएगा। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, बाढ़ की दूसरी लहर के कारण मरने वालों की कुल संख्या 52 तक पहुंच गई है और 29 जिलों में लगभग 21.13 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में छह लोगों की मौत हो गई है, और 3.86 लाख से अधिक लोग वर्तमान में 24 बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन द्वारा स्थापित 515 राहत शिविरों और वितरण केंद्रों में शरण ले रहे हैं। एएसडीएमए रिपोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि बाढ़ से 11,20,165 पशु प्रभावित हुए हैं। प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 3208 हो गई है और विनाशकारी बाढ़ के पानी के कारण काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में 31 जंगली जानवरों की मौत हो गई है।
ये जिले हुए हैं प्रभावित
असम के बाढ़ प्रभावित जिलों में गोलपारा, नागांव, नलबाड़ी, कामरूप, मोरीगांव, डिब्रूगढ़, सोनितपुर, लखीमपुर, दक्षिण सलमारा, धुबरी, जोरहाट, चराइदेव, होजई, करीमगंज, शिवसागर, बोंगाईगांव, बारपेटा, धेमाजी, हैलाकांडी, गोलाघाट, दरंग, बिश्वनाथ, कछार, कामरूप-एम, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, चिरांग, कार्बी आंगलोंग पश्चिम और माजुली शामिल हैं।