फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असम: अखिल गोगोई को मां और बेटे से मिलने के लिए एनआईए कोर्ट ने दो दिनों की पैरोल दी

Sat, 26 Jun 2021 02:53 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, गुवाहाटी

सार

  • अदालत ने हाल में ही कोरोना से ठीक हुए गोगोई को सिर्फ अपनी मां और बेटे से मिलने की इजाजत दी है। उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।
विज्ञापन
अखिल गोगोई - फोटो : ट्विटर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एनआईए की एक अदालत ने शुक्रवार को कृषक नेता और निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई को मां और बेटे से मिलने के लिए मानवीय आधार पर दो दिनों की पैरोल दी है। विशेष जज प्रांजल दास ने गोगोई के वकील की ओर से किए गए अनुरोध पर यह 48 घंटे की पैरोल दी।

विज्ञापन


गोगोई अपनी सुविधा के अनुसार गुवाहाटी और जोरहाट में परिजनों से मिल सकते हैं। अदालत ने हाल में ही कोरोना से ठीक हुए गोगोई को सिर्फ अपनी मां और बेटे से मिलने की इजाजत दी है। उन्हें अपने क्षेत्र के लोगों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।

बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने असम में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मामले में सिवसागर से विधायक अखिल गोगोई को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत दर्ज दो मामलों में से एक में बरी कर दिया था।
विज्ञापन


एनआईए के विशेष न्यायाधीश प्रांजल दास ने गोगोई के खिलाफ आरोप तय नहीं किए थे। गोगोई को दिसंबर 2019 में चबुआ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उनके दो सहयोगियों जगतजीत गोहेन और भूपेन गोगोई को भी मामले में यूएपीए के तहत सभी आरोपों से बरी कर दिया था।

कौन हैं अखिल गोगोई
अखिल गोगोई किसान नेता और आरटीआई कार्यकर्ता रहे हैं। वह नवगठित रेजर दल के अध्यक्ष हैं। गोगोई नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में भूमिका निभाने को लेकर दिसंबर 2019 से जेल में बंद हैं। गोगोई शिवसागर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है।

यहां अखिल गोगोई के रेजर दल और असम जनता परिषद के बीच गठबंधन हुआ है। चूंकि गोगोई यहां से चुनाव जीत चुके हैं, ऐसे में यहां की जनता में उनके प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता है। अब देखना ये है कि उनके नाम का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है। बता दें कि शिवसागर सीट पर पहले चरण में 27 मार्च को मतदान हुआ था।

शिवसागर विधानसभा क्षेत्र में रेजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने असम जनता परिषद के समर्थन में निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर बाजी मार ली। जेल में बंद अखिल गोगोई ने यहां कांग्रेस पार्टी की शुभ्रमित्रा गोगोई और भाजपा सुरभि राजकोंवारी को मात दी। त्रिकोणीय मुकाबले में आरटीआई कार्यकर्ता से नेता बने अखिल गोगोई के नाम का असर भी चुनाव के परिणामों में दिखाई दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें