Nandita Garlosa Congress Join: चुनावी मौसम में असम की राजनीति ने अचानक नया मोड़ ले लिया है। मंत्री नंदिता गरलोसा का दल बदलना न सिर्फ हाफलोंग सीट बल्कि पूरे राज्य के समीकरण बदल सकता है। क्या यह फैसला कांग्रेस को बढ़त दिलाएगा या भाजपा को नुकसान पहुंचाएगा?
गौरतलब है कि रविवार (22 मार्च) को कांग्रेस ने उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं सूची जारी की थी। पांचवीं सूची में पार्टी की ओर से सात उम्मीदवारों के नामों का एलान किया गया है। इससे पहले तीन मार्च को 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची और शनिवार (21 मार्च) को 23 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की थी। पार्टी ने असम में अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए 15 सीट छोड़ी हैं। पहली दो सूचियों में शामिल उम्मीदवारों में कांग्रेस की असम इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई का जोरहाट से, विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया का नाजिरा से और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा का बरचल्ला से नाम शामिल है।
कांग्रेस 2016 से इस पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता से बाहर है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश करेगी। निवर्तमान विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के 64 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के नौ विधायक, यूपीपीएल के सात और बीपीएफ के तीन विधायक हैं। पक्ष में कांग्रेस के 26 विधायक, एआईयूडीएफ के 15 विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक विधायक हैं। एक निर्दलीय विधायक भी हैं।