आयोग ने उन्हें दो अप्रैल से 48 घंटों के लिए विधानसभा चुनाव में कोई जनसभा आयोजित करने, जुलूस, रैलियां, रोड शो निकालने, साक्षात्कार देने और मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) से बात करने से रोक दिया। असम विधानसभा के तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए प्रचार अभियान चार अप्रैल को शाम छह बजे समाप्त हो जाएगा। ईसी के आदेश के बाद मंत्री ने ट्वीट किया, 'मुझे निर्वाचन आयोग ने अगले 48 घंटों के लिए प्रचार रोकने को कहा है इसलिए कल होने वाली मेरी सभी बैठकें रद्द की जाती है।'
कांग्रेस ने 30 मार्च को ईसी से शिकायत की थी कि सरमा ने बीपीएफ प्रमुख को धमकी दी जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। बीपीएफ कांग्रेस की गठबंधन सहयोगी है। मंत्री ने उन्हें दिए कारण बताओ नोटिस पर शुक्रवार को जवाब दिया लेकिन आयोग को उनका जवाब संतोषजनक नहीं लगा।
एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने टि्वटर पर कहा, 'धमकी देना, नफरत फैलाना, नेताओं को धमकाना, ईवीएम चुराना... ऐसा कुछ नहीं है जो भाजपा नहीं कर सकती।' अजमल विधानसभा चुनावों में भाजपा के जुबानी हमलों के निशाने पर रहे हैं। उन्होंने मोहिलारी के पक्ष में निर्वाचन आयोग के फैसले का स्वागत किया।